बोलते-बोलते कैशलेस पर बोलने लगे पूर्व अध्यक्ष सियाराम घीड़िया
भड़के व्यवसायियों ने कर दिया विरोध शुरू
करीब आधा घंटा की नारेबाजी के बाद चैंबर को सभा करनी पड़ी समाप्त
दुमका : चैंबर ऑफ काॅमर्स के पदाधिकारियों को अपने ही संगठन के सदस्यों व शहर के व्यापारियों के आक्रोश का सामना करना पड़ा. बुधवार की शाम शहर के मारवाड़ी चौक पर संजय भालोटिया हत्याकांड के विरोध में चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा बुलायी गयी नुक्कड़ सभा का जमकर विरोध किया और पदाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की. दरअसल हुआ यूं कि जब इस नुक्कड़ सभा को चैंबर के पूर्व अध्यक्ष सियाराम घीड़िया संबोधित कर रहे थे, तब हत्या पर आक्रोश जताने के बाद वे कैशलेस पर बोलने लगे. इससे लोग भड़क गये. बड़ी संख्या में कपड़ा व अन्य व्यवसायी ने एक स्वर में सभा का विरोध करना शुरू कर दिया. व्यापारियों का कहना था
कि मंगलवार की शाम हत्या के बाद पहले चैंबर अध्यक्ष मोहम्मद शरीफ को जानकारी देकर यहां आने को कहा गया लेकिन उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि अब आने से क्या होगा? इसी तरह से दूसरे पदाधिकारियों को भी फोन से सूचना दी गयी लेकिन कोई झांकने तक नहीं आया. अब सब कुछ हो गया है तो राजनीति हो रही है. इस तरह की राजनीति व्यवसायी बरदाश्त नहीं करेंगे. स्थिति संभली भी नहीं थी कि सियाराम घीड़िया ने एक व्यापारी को कहा कि वह चैंबर का सदस्य नहीं है, फिर चैंबर पर सवाल क्यों उठा रहा है, क्यों बोल रहा है. इस पर व्यापारी और भड़क गए और नारेबाजी शुरू कर दी. करीब आधा घंटा की नारेबाजी के बाद चैंबर को सभा समाप्त करनी पड़ी. हालांकि इस सभा में चैंबर ने हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए सात दिन का समय पुलिस को दिया है. सचिव मनोज कुमार घोष ने कहा कि शहर के एक व्यापारी की हत्या सभी के लिए दुखदायी है. पुलिस को हत्या करने वाले को सात दिन के अंदर गिरफ्तार नहीं किया तो व्यापारियों की ओर से उग्र आंदोलन किया जायेगा. सभा में खोखन दा, गोपाल घोष व अजीत दारूका सहित कई लोग मौजूद थे.
नुक्कड़ सभा को संबोधित करते चैंबर के पदाधिकारी व सभा में मची अफरा-तफरी. फोटो। प्रभात खबर
हत्यारे की गिरफ्तारी को लेकर दिया सात दिन का समय, नहीं तो करेंगे उग्र आंदोलन
