रानीश्वर (दुमका): झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था, प्रभावी प्रबंधन, नवाचार और आधारभूत संरचना को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसी कड़ी में राज्य के 21 विद्यालयों के 80 प्रधानाध्यापकों को पांच दिवसीय एक्सपोजर विजिट पर राजस्थान भेजा जाएगा.
इसमें संताल परगना प्रमंडल के चार विद्यालयों के 12 प्रधानाध्यापक शामिल हैं. दुमका जिले के चार विद्यालयों में रानीश्वर प्रखंड का पीएम श्री उत्क्रमित उच्च विद्यालय, कुमिरदहा भी शामिल है.
थर्ड पार्टी मूल्यांकन के बाद हुआ चयन
वित्तीय वर्ष 2025-26 में झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से थर्ड पार्टी के माध्यम से राज्य के कुल 1456 विद्यालयों का विद्यालय प्रमाणीकरण कराया गया था.
इस मूल्यांकन में राज्य के 82 विद्यालयों को स्वर्ण श्रेणी में चयनित किया गया. इन्हीं उत्कृष्ट विद्यालयों में से प्रधानाध्यापकों को एक्सपोजर विजिट के लिए चुना जा रहा है.
इस पहल का उद्देश्य उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों की कार्यप्रणाली, शैक्षणिक व्यवस्था, प्रबंधन, नवाचार और आधारभूत सुविधाओं के बेहतर मॉडल को दूसरे विद्यालयों तक पहुंचाना है.
दुमका के इन चार विद्यालयों का चयन
संताल परगना प्रमंडल में दुमका जिले के चार विद्यालयों को स्वर्ण श्रेणी में चयनित किया गया है.
इनमें शामिल हैं:
- डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, दुमका
- प्लस टू हाईस्कूल, रामगढ़
- पीएम श्री उत्क्रमित उच्च विद्यालय, कुमिरदहा
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, काठीकुंड
इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को राजस्थान के एक्सपोजर विजिट में शामिल होने का अवसर मिलेगा.
संताल परगना के अन्य जिलों के स्कूल भी शामिल
दुमका के अलावा संताल परगना के अन्य जिलों के विद्यालयों को भी इस चयन में जगह मिली है. देवघर जिले के दो, गोड्डा के पांच और जामताड़ा के एक विद्यालय का चयन किया गया है.
राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक राजस्थान जाकर वहां की बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यालय प्रबंधन से जुड़े मॉडल का अध्ययन करेंगे.
रानीश्वर के कुमिरदहा स्कूल में खुशी का माहौल
रानीश्वर प्रखंड अंतर्गत पीएम श्री उत्क्रमित उच्च विद्यालय, कुमिरदहा का चयन होने से विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है.
विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने इसे विद्यालय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है. विद्यालय को स्वर्ण श्रेणी में जगह मिलने से शिक्षकों और विद्यार्थियों में उत्साह बढ़ा है.
विद्यालय परिवार को उम्मीद है कि एक्सपोजर विजिट के दौरान प्राप्त अनुभवों और नई सीख को स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था में लागू कर विद्यार्थियों को और बेहतर सुविधाएं दी जा सकेंगी.
राज्य के इन जिलों से भी हुआ चयन
विद्यालय प्रमाणीकरण के बाद स्वर्ण श्रेणी में चयनित विद्यालयों में राज्य के कई जिलों को जगह मिली है. इनमें पूर्वी सिंहभूम के 10, गिरिडीह के 8, पलामू के 7, रांची, हजारीबाग और बोकारो के 6-6, गोड्डा के 5, धनबाद के 4 तथा कोडरमा, चतरा, पश्चिमी सिंहभूम और गढ़वा के 3-3 विद्यालय शामिल हैं.
इसके अलावा लातेहार और सिमडेगा समेत अन्य जिलों के विद्यालय भी चयनित सूची में शामिल हैं.
बेहतर स्कूलों की कार्यप्रणाली सीखने का मिलेगा मौका
राजस्थान एक्सपोजर विजिट के दौरान प्रधानाध्यापकों को विद्यालय प्रबंधन, शिक्षण पद्धति, नवाचार, आधारभूत संरचना और बेहतर शैक्षणिक वातावरण से जुड़ी व्यवस्थाओं को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा.
झारखंड शिक्षा परियोजना की यह पहल उत्कृष्ट विद्यालयों की कार्यप्रणाली को दूसरे स्कूलों तक पहुंचाने और राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
