क्राइम. घर जमाई नहीं बनाया तो युवक ने अपने मित्रों के साथ युवती के घर बोला हमला
युवती की मां को किया घायल, इलाजरत युवती ने एक हमलावर को पकड़ कर पीटा, पुलिस को सौंपा जानिए पूरा मामला घटना बीती देर रात की है. लड़की की मां आस्तो हेंब्रम ने बताया कि वह और उनकी बेटी मुनू मुर्मू हेसापाथर-गादेरटोला में रहती है. उसके पति मार्टिन मुर्मू का तीन साल पहले देहांत हो […]
युवती की मां को किया घायल, इलाजरत
युवती ने एक हमलावर को पकड़ कर पीटा, पुलिस को सौंपा
जानिए पूरा मामला
घटना बीती देर रात की है. लड़की की मां आस्तो हेंब्रम ने बताया कि वह और उनकी बेटी मुनू मुर्मू हेसापाथर-गादेरटोला में रहती है. उसके पति मार्टिन मुर्मू का तीन साल पहले देहांत हो चुका है.
आस्तो ने बताया कि पास के ही आसनबनी-लोपोंग टोला का टुय उर्फ अविनाश टुडू उनकी बेटी मुनू से एकतरफा प्यार करता था. कुछ दिनों पूर्व तो वह जबरदस्ती उसके घर में दो-तीन दिन तक रह गया था. वे दोनों मां-बेटी उसे पसंद नहीं करते थे.
लिहाजा वह उस वक्त चला तो गया, लेकिन जाते-जाते धमकी दे गया. बीती रात तकरीबन वह एक बजे आया. उसके साथ तीन और युवक थे. एक ने धारदार हथियार से मुनू की मां के पेट में वार कर दिया. चीख सुनकर मुनू पहुंची और उसने बहादुरी दिखाते हुए उस हमलावर युवक पर पलटवार कर दिया.
शोर मचाकर उसने गांव के लोगों को बुलाया. लोगों ने घेर कर उसे पकड़ लिया तथा मुखिया के माध्यम से पुलिस को सूचना दी. पुलिस के आने पर उसे उनके हवाले कर दिया. हमलावार युवक ने खुद को ढेना हांसदा उर्फ लाटू हांसदा बताया है.
उसने बताया है कि वह आसनबनी लोपोंग टोला के मिसिल हांसदा, टुगूम हांसदा और टुय उर्फ अविनाश टुडू के साथ आया था, जो घटना के दौरान भाग गये. ढेना ने बताया कि वह अविनाश के कहने पर ही हमला करने पहुंचा था.
दुमका शहर समेत ग्रामीण इलाकों में क्राइम का ग्राफ दिन-व-दिन बढ़ता जा रहा है. ऐसा लगता है कि अपराधियों को पुलिस का खौफ ही नहीं है.
युवती ने हंसुए से युवक को कर दी लहूलुहान
पलटवार होता देख तीनों हमलावर फरार
आरोपित ने लड़की व उसकी मां को दी थी धमकी
दुमका : जिले के शिकारीपाड़ा में एक आदिवासी लड़की ने बहादुरी दिखाते हुए अपनी मां पर जानलेवा हमला करने वालों का डट कर मुकाबला किया. यह हमला किसी और ने नहीं, बल्कि लड़की से कभी एकतरफा प्यार करने वाले तथा घर जमाई बनने से नाकाम रहे युवक ने कराया था.
इस युवक के कहने पर हमलावरों ने जब उसकी मां के पेट में धारदार हथियार से वार कर दिया, तो उस लड़की ने एक हमलावर को धर दबोचा और उसकी जमकर पिटाई कर दी. बचाव करते हुए घर में रखे हसुए से उसे भी लहूलुहान कर दिया. अपनी मां की जान बचाने वाली इस लड़की की बहादुरी की हर जगह प्रशंसा हो रही है.
पिता की मौत के बाद मुनू मुर्मू ने छोड़ दी थी पढ़ाई
मुनू ने बताया कि अविनाश उससे शादी करना चाहता था. पर वह उससे शादी करना नहीं चाहती थी. जिस कारण उनके परिवार में उसकी छबि अच्छी नहंी थी. उसकी मां को भी वह पसंद नहीं था. मुनू ने बताया कि वह राजकीय उच्च विद्यालय बेनागड़िया की छात्रा रही है. मैट्रिक तक की उसने पढ़ाई की है.
उसी वक्त उसके पिता की मौत हो गयी थी. लिहाजा उसने पढ़ाई छोड़ दी और घर में रहकर अपने मां के कामों में हाथ बंटाने लगी. दिन गुजरता गया और पिता के गुजर जाने का गम कुछ हुआ. अभी उससे दोनों मां व बेटी उबरी भी नहीं थी कि ये घटना हो गयी. जिससे पूरा इलाका सन्न रह गया. उसने बताया कि मां की चीख सुनकर उसने बेखौफ होकर उन लड़कों का मुकाबला किया. बचाव में मां पर हमला करने वाले पर भी उसने पलटवार किया.