दुमका : जिले के दरबारपुर पंचायत के रोहरापाड़ा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र में चापाकल मरम्मत की शिकायत 30 मार्च को की थी, उसके बाद पेयजल और स्वच्छता विभाग ने 12 अप्रैल को रिपोर्ट किया कि वर्णित सभी चापाकल का मरम्मत करवा कर चालू कर दिया गया है. लेकिन वास्तविकता यह है कि चापानल बने ही नहीं. जो रिपोर्ट भेजी गयी है, वह भ्रामक है. झूठी है. 14 अप्रैल के 1 बजे दिन तक चापाकल का मरम्मती नहीं की गयी थी.
नाराज ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और उपायुक्त से चापाकल जल्द से जल्द बनवाने और गलत रिपोर्ट देने वाले कर्मचारी और अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई किये जाने की मांग की है. ग्रामीणों ने यह भी शिकायत किया है कि जब भी इस विभाग की गाड़ी उनके गांव से गुजरता है तो वे उन मिस्त्रियों से चापाकल मरम्मत करने का आग्रह करते रहे हैं, लेकिन वे चापाकल का मरम्मत नहीं करते है. इसे वन विभाग का चापाकल बताकर मरम्मत नहीं कराया जाता.
विभाग के इस रवैये से ग्रामीण क्षुब्ध हैं. उनका कहना है कि अगर जल्द चापाकल का मरम्मत नहीं किया जाता है तो वे सड़क पर उतरने के लिय मजबूर हो जायेंगे. ग्रामीण सुनिलाल हांसदा, शिवधन सोरेन, मनोज बास्की, परमे बास्की, रुबेन हांसदा आदि ने बताया कि गांव में चापाकल लगभग 2 वर्ष से खराब है.
