हाल के वर्षों में 50 लाख से अधिक बह चुका है जनता का पैसा
बंदोबस्ती के एक माह बाद भी पार्क के गेट में जड़ा है ताला
दुमका : उपराजधानी दुमका का इकलौता चिल्ड्रेन पार्क लगभग तीन साल से बंद है. इस पार्क में हाल के बरसों में लगभग पचास लाख रुपये खर्च हो चुके हैं. जिसका लाभ संवेदकों को तो मिला, पर बच्चों को नहीं. चिल्ड्रेन पार्क के बंद रहने से बच्चों में मायूसी है. शहर के बच्चों के पास खेलने-घूमने लायक कोई जगह नहीं रह गयी है.
ऐसे में इस पार्क में भी हर दिन ताला लटके रहने से वे निराश मन से लौट आते है. दरअसल चिल्ड्रेन पार्क में जब-जब मरम्मत व सौंदर्यीकरण के लिए टेंडर निकाला गया, तब-तब यह पार्क लंबे-लंबे समय तक बंद रहा. पूर्व में इस पार्क की बंदोबस्ती भी हुई थी, तो प्रवेश में टिकट लगा दिये जाने से विवाद हो गया था.
उस वक्त भी यह पार्क कई दिनों तक बंद ही रहा था. इस बार लगभग 42 लाख रुपये से सौंदर्यीकरण हुआ और पिछले महीने बंदोबस्ती करायी गयी, तो भी पार्क के गेट में जड़ा ताला नहीं खुला. चरचा यही है कि बंदोबस्ती तो नगर परिषद ने करा दिया, लेकिन इसका हैंडओवर संवेदक ने अब तक नहीं किया है.
