राज्य से लेकर केंद्र सरकार शिक्षा के नाम पर कराेड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, मगर इसका कोई खास असर ग्रामीण इलाकों में देखने को नहीं मिल रहा है. कहीं शिक्षकों की कमी है तो कहीं व्यवस्था नदारद.
मुरलीपहाड़ी : शैक्षणिक अंचल नारायणपुर के उत्क्रमित मध्य विद्यालय गादीटांड़ में शिक्षकों की कमी के कारण पठन-पाठन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है. महज एक पारा शिक्षक के भरोसे कुल 111 छात्र-छात्राओं का भविष्य संवारने की जिम्मेवारी दी गयी है जो नकाफी है. प्रभात खबर की जब टीम मंगलवार को पूर्वाह्न 12 बजकर 30 मिनट पर विद्यालय पहुंची तो विद्यालय के अनेकों बच्चे बाहर आराम से खेल रहे थे.
विद्यालय में शैक्षणिक माहौल का अभाव देख गया. हर तरफ कुव्यवस्था का नजारा था. विद्यालय के आसपास गंदगी का अंबार लगा था. वहीं शौचालय भी बंद पाया गया. मध्याह्न भोजन में दाल-भात एवं आलू की सब्जी बनी पायी गयी. हरी सब्जी भी मध्याह्न भोजन में नहीं था. ग्रामीणों ने बताया कि विगत एक माह से मध्याह्न भोजन भी बंद था.
