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रोज थोड़ा थोड़ा हरि का भजन अवश्य करें : पालंदे महाराज प्रतिनिधि, दुमका नगरश्री शिव पुराण कथा के सातवें दिन अग्रसेन भवन में पालंदे महाराज ने कांशी उत्पत्ति, शंखचुड़ उद्धार, तुलसी कथा, नर्मदा उत्पत्ति संबंधी कथा का वाचन किया. जिसे सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो गये और पालेश्वर महाराज के भजनों को सुनकर झूमने लगे. पालेश्वर […]

रोज थोड़ा थोड़ा हरि का भजन अवश्य करें : पालंदे महाराज प्रतिनिधि, दुमका नगरश्री शिव पुराण कथा के सातवें दिन अग्रसेन भवन में पालंदे महाराज ने कांशी उत्पत्ति, शंखचुड़ उद्धार, तुलसी कथा, नर्मदा उत्पत्ति संबंधी कथा का वाचन किया. जिसे सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो गये और पालेश्वर महाराज के भजनों को सुनकर झूमने लगे. पालेश्वर महाराज ने कांशी महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि काशी भगवान शंकर के त्रिशूल पर बसा है. यहां के कण कण पर भगवान का वास है. यही वजह है कि इसे मोक्ष प्राप्ति का भी स्थान कहा जाता है. मनुष्य अपने कर्मो में इतना तललीन हो गया है, कि उसे भजन कीर्तन में समय नहीं लगा पता है. लेकिन हर मनुष्य को भगवान का भजन करना चाहिए. हमें ज्यादा नहीं तो थोड़ा थोड़ा ही भगवान का भजन करा लेना चाहिए. ……………..फोटो20 दुमका 21 व 22प्रवचन देते महाराज और उपस्थित लोग……………..

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