गंधी कीट से बचायें धान की फसल

दुमका : भारतीय मौसम विभाग तथा बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र दुमका से प्राप्त मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक उपराजधानी दुमका व आसपास के इलाके में अगले चार दिनों तक आंशिक रुप से बादल छाये रहेंगे. 17 अक्तूबर को 8 मिलीमीटर बारिश की संभावना जतायी गयी है. क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के सह निदेशक […]

दुमका : भारतीय मौसम विभाग तथा बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र दुमका से प्राप्त मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक उपराजधानी दुमका आसपास के इलाके में अगले चार दिनों तक आंशिक रुप से बादल छाये रहेंगे. 17 अक्तूबर को 8 मिलीमीटर बारिश की संभावना जतायी गयी है.

क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के सह निदेशक डॉ बीके भगत ने इस पूर्वानुमान पर आधारित कृषक सलाह बुलेटिन जारी की है और धान की फसल को गंधी कीट के प्रकोप से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है.

गंधी कीट के नियंत्रण के लिए उन्होंने क्विनालफास 1.5 प्रतिशत धूल का 25 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से या क्विनालफास लिक्विड 25 इसी 1.5 लीटर 500 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी है. मध्यम एवं निचली जमीन में धान की फसल में जलजमाव बनाये रखने की भी सलाह किसानों को दीगयी है.

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