स्थानीयता बचाओ संघर्ष समिति के भीम मंडल ने कहा
दुमका : स्थानीयता बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित रैली, प्रदर्शन एवं नुक्कड़ सभा ऐतिहासिक रही. प्रदर्नशनकारियों की कतार लगभग एक किमी लंबी थी. उपायुक्त कार्यालय के समक्ष सभा को दर्जनों युवाओं ने संबोधित किया.
कहा कि उनके हक–अधिकारों को छीना जा रहा है, जिसे बरदाश्त नहीं किया जायेगा. मुख्य रुप से संबोधित कर रहे भीम प्रसाद मंडल ने कहा कि स्थानीयता की नीति को 13 साल में भी स्पष्ट नहीं किया जाना आदिवासियों–मूलवासियों के लिए दुभाग्र्यपूर्ण है.
आज स्थिति यह हो गयी है कि विभिन्न सरकारी दफ्तरों में किरानी बाहरी हैं और नियुक्ति देने वाले पदाधिकारी भी बाहरी. श्री मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस दिशा में पहल करनी चाहिए, लेकिन सरकार का रवैया भी कुठाराघात करने वाला ही है.
उन्होंने सदान नेताओं द्वारा दिये गये बयान तथा संगठन को प्रतिबंधित करने की बात को आड़े हाथों लिया तथा कहा कि ऐसे बयान देने वाले तथाकथित नेता सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने में लगें हैं.
आदिवासी–मूलवासी को बांटना चाहते हैं और शासन करना चाहते हैं.श्री मंडल ने कहा कि प्रवासी को झारखंड का मालिक नहीं बनने देंगे. हर गांव में जाकर आंदोलन का बिगुल फूकेंगे. 22 दिसंबर को होनेवाली रैली में एक लाख लोग जुटेंगे.
