– आनंद जायसवाल –
दुमका : संताल परगना प्रमंडल में अब तक अधिकांश खेत खाली पड़े हुए हैं. पूरे प्रक्षेत्र में 3.53 लाख हेक्टेयर में धान का आच्छादन होना था, लेकिन अब तक महज 1.53 लाख हेक्टेयर में ही रोपनी का काम हो सका है.
लगभग 2 लाख हेक्टेयर जमीन अब भी पानी के अभाव में सूनी पड़ी है. सबसे खराब स्थिति जामताड़ा जिले की है, जहां 33.9 प्रतिशत ही धान का आच्छादन हो पाया है. दुमका में यह आंकड़ा 27 अगस्त तक महज 38.3 प्रतिशत तक ही पहुंच सका है. गोड्डा जिले की स्थिति भी इससे ज्यादा अलग नहीं है.
यहां धान का आच्छादन 39.9 प्रतिशत हुआ है. इन तीनों जिलों की अपेच्छा देवघर, साहेबगंज एवं पाकुड़ की स्थिति थोड़ी बेहतर है. पाकुड़ में आच्छादन 53.7 प्रतिशत, साहेबगंज में 52 प्रतिशत तथा देवघर में 49.4 प्रतिशत हुआ है.
