नोनीहाट. नोनीहाट के बंगाली समुदाय के गणमान्य लोगों तथा स्कूली छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने बंगला माध्यम में पठन-पाठन सुनिश्चित कराये जाने की मांग की है. जिसकी अध्यक्षता कर रही सागरिका सेन ने बताया कि नोनीहाट राज्यकृत मध्य विद्यालय बंगला स्कूल के नाम से जाना जाता है, पर यहां बंगला मातृभाषा की पढ़ाई नहीं हो रही है. इस स्कूल में स्थापना काल से करीब चार दशक तक बंगला माध्यम से ही पढ़ायी होती थी. वर्तमान सत्र में कुल नामांकित बच्चों में 55 फीसदी बंगला मातृभाषा पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी हैं. बैठक में शिशु विकास विद्यालय के प्राचार्य ब्रम्हानंद सेन ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते कहा कि मातृभाषा हमारा गौरव है. जिसमें शिक्षा प्राप्त करना मौलिक अधिकार है. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पदाधिकारियों को ग्रामीणों व विद्यार्थियों के हस्ताक्षर युक्त आवेदन प्रेषित किये जायेंगे और मांग पूरी होेने तक संघर्ष जारी रहेगा. बैठक में परितोष सेन, षष्ठी दत्ता, दीपक सेन, उमा सेन, मंजू दे, रंजित दे, फटिक दे, नागर कुमार विष्णु आदि मौजूद थे.
बंगला भाषा में पढ़ाई शुरू कराने की मांग
नोनीहाट. नोनीहाट के बंगाली समुदाय के गणमान्य लोगों तथा स्कूली छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने बंगला माध्यम में पठन-पाठन सुनिश्चित कराये जाने की मांग की है. जिसकी अध्यक्षता कर रही सागरिका सेन ने बताया कि नोनीहाट राज्यकृत मध्य विद्यालय बंगला स्कूल के नाम से जाना जाता है, पर यहां बंगला मातृभाषा की पढ़ाई नहीं हो रही […]
