नौकरियां स्थानीय लोगों के लिए हो आरक्षित: बाबूलाल

दुमका : पूर्व सीएम व जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि राज्य में केवल स्थानीयता नीति लागू करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सरकार को झारखंड की नौकरियों को यहां के स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित करना होगा. दुमका परिसदन में पत्रकारों से वार्ता में श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड बना था, […]

दुमका : पूर्व सीएम व जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि राज्य में केवल स्थानीयता नीति लागू करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सरकार को झारखंड की नौकरियों को यहां के स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित करना होगा. दुमका परिसदन में पत्रकारों से वार्ता में श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड बना था, तो उम्मीद जगी थी कि सत्ता से लेकर नौकरियों में हिस्सेदारी व भागीदारी मिलेगी.
पर अजरुन मुंडा के कार्यकाल में नियुक्ति नियमावली में संशोधन कर बाहरियों की नौकरी के लिए रास्ता खोल दिया गया.
उन्होंने कहा कि झारखंड में उसे ही स्थानीय माना जाना चाहिए जो यहां जन्मा है, पला-बढ़ा है और पढ़ाई की है. कहा कि वह उद्योग और विकास विरोधी नहीं है, लेकिन नये भूमि अधिग्रहण बिल का जो स्वरूप है, उससे किसानों को जबरदस्त नुकसान होगा. झारखंड में तो पूर्व से ही 20-25 लाख लोग विस्थापित हैं, जिन्हें अबतक न्याय नहीं मिल पाया है. नये अधिग्रहण कानून से सबसे अधिक आदिवासी और दलित प्रभावित होंगे. उन्होंने कहा कि झारखंड में जमीन के बदले जमीन देने का प्रावधान हो, अन्यथा जमीन मालिक भीखमंगा बन जायेंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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