ओके.... 50 एकड़ बंजर भूमि में लहलहा रही फसल

प्रतिनिधि, सरैयाहाटसिंचाई की घोर असुविधा के बाद भी अमघट्टा गांव में किसानों ने विरनियां डंगाल की परती तथा बंजर भूमि पर गेहूं की खेती कर एक मिशाल पेश की है. सिंचाई के अभाव में करीब 50 एकड़ की जमीन पर खेती की गयी है. किसानों ने मोतिहारा नदी में गड्ढा नुमा नाला बनाकर पानी का […]

प्रतिनिधि, सरैयाहाटसिंचाई की घोर असुविधा के बाद भी अमघट्टा गांव में किसानों ने विरनियां डंगाल की परती तथा बंजर भूमि पर गेहूं की खेती कर एक मिशाल पेश की है. सिंचाई के अभाव में करीब 50 एकड़ की जमीन पर खेती की गयी है. किसानों ने मोतिहारा नदी में गड्ढा नुमा नाला बनाकर पानी का जमाव किया. जिसके बाद पंपिंग सेट द्वारा उस पानी को अपने खेतों तक पहुंचाया जाता है. किसानों में ननकु यादव, बलराम यादव, सुपाड़ी यादव, बाबूमणि यादव, भदेश्वर यादव, बाबूलाल यादव, जीतनारायण यादव आदि ने बताया कि पहले यह भूमि बंजर थी. हम सभी किसानों ने जमीन को समतल कर उपजाऊ बनाने की ठान ली. मेहनत कर गेंहू की खेती की है. किसानों ने बताया कि उपजाऊ बनाने के लिए जमीन समतल कर ली, फिर सिंचाई की घोर समस्या को देख मोतिहारा नदी से पटवन की ऐसी व्यवस्था की गयी. लहलहाती फसल देखकर काफी खुश है. किसानों ने कहा कि अगर सरकार लिफ्ट एरिगेशन की सुविधा कराती है तो किसानों को सिंचाई की समस्या से जूझना नहीं पडे़गा. बंजर व उपजाऊ भूमि सिंचाई के अभाव में बेकार पड़ी हुई है. पंपिंग सेट के उपयोग से किसानों को लागत भी काफी ज्यादा भरना पड़ता है.–फोटो-सरैयाहाट-खेती–

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