कृषि के लिए उत्तम है जैविक खाद का प्रयोग

बीजोपचार के महत्व व कतारबद्ध खेती की दी जानकारीप्रतिनिधि, काठीकुंड काठीकुंड प्रखंड के नुनाडंगाल गांव के किसानों ने कृषक पाठशाला के माध्यम से रबी फसल अंतर्गत श्री विधि से गेहूं की उन्नत खेती की जानकारी प्राप्त की. दुमका प्रखंड के प्रभारी प्रखंड तकनीकी प्रबंधक पंकज कुमार ने आइपीएम की जानकारी दी साथ ही जाल द्वारा […]

बीजोपचार के महत्व व कतारबद्ध खेती की दी जानकारीप्रतिनिधि, काठीकुंड काठीकुंड प्रखंड के नुनाडंगाल गांव के किसानों ने कृषक पाठशाला के माध्यम से रबी फसल अंतर्गत श्री विधि से गेहूं की उन्नत खेती की जानकारी प्राप्त की. दुमका प्रखंड के प्रभारी प्रखंड तकनीकी प्रबंधक पंकज कुमार ने आइपीएम की जानकारी दी साथ ही जाल द्वारा फसल में लगे कीट पतंगों को पकड़ने की जानकारी दी. किसान फसल चक्र को अपना कर रासायनिक खाद में हो रहे खर्च को कम कर सकते हैं. रासायनिक खाद की अपेक्षा जैविक खाद के उपयोग से किसान अपने खेत में नाइट्रोजन व फॉस्फोरस की मात्रा को बढ़ा सकते हैं. काठीकुंड के बीटीएम पवन कापरी ने श्री विधि से गेहूं की खेती, बीजोपचार के महत्व व कतारबद्ध खेती के फायदे से किसानों को अवगत कराया गया. गेहूं की सिंचाई पर बताते हुए प्रथम सिंचाई 20 दिन पर और अगली सिंचाई 15 दिन के अंतराल पर करने पर किसान गेहूं की पैदावार बढ़ा सकते हैं. मौके पर कृषक मित्र लाल मोहन राय, माणिक राय सहित गांव के अनेक कृषक मौजूद थे.—————————-फोटो 12 डीएमके काठीकुंड 4फसल में लगे कीटो को पकडने की विधि सीखते कृषक

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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