प्रतिनिधि, दुमका रामगढ़ प्रखंड में निर्माणाधीन मार्केट कॉम्पलेक्स में अनियमितता के आरोप में केवल संवेदक को ही दोषी करार दिये जाने पर झामुमो ने आपत्ति जतायी है और कहा है कि जब निर्माण कार्य कनीय अभियंता, सहायक अभियंता व कार्यपालक अभियंता की निगरानी में होता है, तो उनकी देखरेख में कराये गये ऐसे कार्य के लिए उन्हें दंडित नहीं करना दुभार्ग्यपूर्ण है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह ने गबन के आरोप में हुई प्राथमिकी को एकतरफा कार्रवाई बताया है तथा इस मामले में वरीय अधिकारियों से गहराई से जांच करने की मांग की है. श्री सिंह ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि अगर संवेदक अपनी मरजी से कार्य रहा था, तो कार्य को बंद क्यों नहीं कराया गया. अगर निर्माण कार्य करने वाला दोषी है, तो कराने वाला उससे भी ज्यादा दोषी है.
/'/रअभियंता पर भी हो कार्रवाई: जेएमएम
प्रतिनिधि, दुमका रामगढ़ प्रखंड में निर्माणाधीन मार्केट कॉम्पलेक्स में अनियमितता के आरोप में केवल संवेदक को ही दोषी करार दिये जाने पर झामुमो ने आपत्ति जतायी है और कहा है कि जब निर्माण कार्य कनीय अभियंता, सहायक अभियंता व कार्यपालक अभियंता की निगरानी में होता है, तो उनकी देखरेख में कराये गये ऐसे कार्य के […]
