दुमका : भारत सरकार के वरीय सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार रविवार को दुमका पहुंचे और काठीकुंड के अमतल्ला में हुए नक्सली वारदात से संबंधित जानकारी हासिल की.
वे सड़क मार्ग से घटनास्थल गये. बाद में दुमका एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में कहा : पाकुड़ एसपी सहित छह पुलिसकर्मियों की शहादत बड़ी घटना है. इस घटना की एक अहम वजह खुफिया तंत्र की कमजोरी का होना था. राज्य में खुफिया तंत्र को मजबूत करने का निर्देश दिया गया है.
इसमें थानेदार से लेकर सिपाही तक को शामिल करने को कहा गया है. थानेदार और वरीय पुलिस पदाधिकारी नियमित संवाद स्थापित करें और खुफिया तथा सटीक सूचना पर आधारित अभियान चलायें. बीएसएफ के हेलीकॉप्टर से दुमका पहुंचे के विजय कुमार के साथ एडीजी (विधि-व्यवस्था) एसएन प्रधान, आइजी (प्रशिक्षण व अभियान) एआर सिंह तथा एंटी नक्सल ट्रेनिंग के प्रभारी कैप्टन सिन्हा भी शामिल थे.
दुमका के कोरैया में बनेगा बटालियन हेडक्वाटर : संताल परगना में बढ़ते उग्रवाद की वजह से समय-समय पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की आवश्यकता को देखते हुए बटालियन हेडक्वाटर बनाने पर भी सरकारी स्तर पर प्रयास चल रहे हैं. कोरैया में इसके लिए जमीन भी तलाशी जा रही है.
इसके लिए नौ एकड़ जमीन की आवश्यकता है, चार एकड़ जमीन के लिए एनओसी प्राप्त हो चुकी है, शेष पांच एकड़ जमीन रैयती है, जिसके लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाना है.
दुमका से काठीकुंड जाने के क्रम में भारत सरकार के वरीय सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार ने प्रमंडलीय आयुक्त अशोक कुमार मिश्र, दुमका प्रक्षेत्र के आइजी डॉ अरुण उरांव, सीआरपीएफ के डीआइजी सुनील कुमार ढौंढियाल, डीआइजी प्रिया दूबे, डीसी हर्ष मंगला, एसपी निर्मल कुमार मिश्र आदि के साथ उक्त स्थल का निरीक्षण किया तथा जमीन अधिग्रहण से संबंधित कार्य में तेजी लाने को कहा है.
आइजी डॉ अरुण उरांव ने बताया कि इस दिशा में प्रयास हुए हैं. जमीन अधिग्रहण को लेकर भी सरकार से पत्रचार किया जा रहा है.
