पहली बार आइपीएस को बनाया निशाना

दुमका : इस इलाके में यह अब तक की सबसे बड़ी नक्सली घटना है, जिसमें एसपी सहित पांच लोग शहीद हुए हैं. जिस जगह नक्सलियों ने घात लगा कर एसपी पर हमला किया, उसके आसपास नक्सलियों ने हाल के दिनों में कई बड़ी घटनाओं को पहले भी अंजाम दिया है. लगभग तीन साल पहले 2010 […]

दुमका : इस इलाके में यह अब तक की सबसे बड़ी नक्सली घटना है, जिसमें एसपी सहित पांच लोग शहीद हुए हैं. जिस जगह नक्सलियों ने घात लगा कर एसपी पर हमला किया, उसके आसपास नक्सलियों ने हाल के दिनों में कई बड़ी घटनाओं को पहले भी अंजाम दिया है.

लगभग तीन साल पहले 2010 में तालपहाड़ी में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में जामा के तत्कालीन थानेदार सतानंद सिंह व झारखंड जगुआर के एक जवान शहीद हो गये थे. तालपहाड़ी से अमलता की दूरी तीन किलोमीटर है, जबकि काठीकुंड थाना से घटना स्थल की दूरी पांच किमी है.

इससे पूर्व 23 अप्रैल 2009 को लोकसभा चुनाव कराकर लौट रहे मतदानकर्मियों पर काठीकुंड जंगल में नक्सली हमले में एक चौकीदार शहीद हो गया था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >