दुमका कोर्ट : यौन शोषण के आरोप में फंसे तीरंदाजी कोच सह जिला खेलकूद पदाधिकारी हरेंद्र सिंह साक्ष्य के अभाव में बरी हो गये हैं. बुधवार को ही वे केंद्रीय कारा से छूटे. इससे पूर्व प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार सिंह की अदालत ने बुधवार को साक्ष्य के अभाव में श्री सिंह को बरी कर दिया.
न्यायालय में चले स्पेशल केस नंबर 5/13 में ट्रायल के दौरान सात गवाहों का बयान दर्ज हुआ. मुकदमे की सूचक ने एफआइआर में दर्ज बयान से हटकर अदालत में यह बयान दिया कि दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध स्थापित हुआ था. जब शादी करने की बात उसने कही, तो हरेंद्र ने शादीशुदा होने की बात कहकर नकार दिया.
उसने यह भी कहा कि दारोगा के कहने पर उसने आवेदन पर हस्ताक्षर कर दिया था. उल्लेखनीय है कि मामले में आठ मार्च को दुमका नगर थाना में कांड संख्या 38/13 में भादवि की दफा 376 एवं अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम की धारा 3 (1) (11) के तहत हरेंद्र पर प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इस मामले में न्यायालय ने तीन महीने 18 दिन में ही यह फैसला सुनाया.
