दुमका कोर्ट : केंद्रीय कारा के एक बंदी ने न्याय की मांग को लेकर जेल के अंदर ही अनशन पर बैठ गया है. उसके इस आंदोलन से जेल प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गयी है. गिरफ्तारी के दिन से ही वह अनशन पर है.
जानकारी के मुताबिक यासीन अंसारी जमीन विवाद को लेकर 15 जून को दुमका-देवघर रेलमार्ग पर पटरी के बीचो-बीच अनशन पर बैठ गया था. रेल विभाग के अधिकारियों ने काफी समझाने के बाद पटरी से बाहर किया था. बाद में इस मामले में सरकारी कार्य में बाधा डालने तथा सरकारी संपत्ति विरूपन नियम के तहत कार्रवाई करते हुए 16 जून को उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था.
मिली जानकारी के मुताबिक यासीन जब से जेल पहुंचा है,जेल प्रशासन के लिए गले की हड्डी बन गया है. जेल पहुंचने के बाद से वह लगातार अनशन पर है. इससे उसकी स्थिति काफी बिगड़ गयी है. उल्लेखनीय है कि 2004 में यासीन अपने जमीनी संबंधित मामले को लेकर डीसी कार्यालय के समक्ष दो माह तक धरने पर बैठा था. बाद में जिला प्रशासन हस्तक्षेप कर उसे धरने से उठा दिया था.
बाद में वह दुमका न्यायालय परिसर स्थित जिला न्यायधीश के गेट के सामने धरना पर बैठ गया था. इस धरने के 14 दिन बाद नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. यासीन विगत कई वर्षो से तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर न्याय का गुहार लगा रहा है.
