रामगढ़ : सिलठा बी पंचायत के कुंडा गांव में छेड़खानी के आरोप में बंधक बनाये गये कालीचरण पाल को प्रखंड शिवलाल मरांडी की पहल पर शुक्रवार को मुक्त करा लिया गया.
बीडीओ डॉ शिशिर कुमार सिंह, जिप सदस्य कन्हाई देहरी, मुखिया पानमुनी मुमरू, धोबा मुखिया प्रेमलाल सोरेन से बातचीत के बाद कुंडा के ग्रामीण युवक को छोड़ने के लिए तैयार हुए. शुक्रवार की रात युवक के पिता शिवशंकर पाल से अधिकारियों तथा प्रमुख की मौजूदगी में सात हजार रुपये जुर्माना लेकर मुक्त किया.
साथ ही ग्राम प्रधान छोटो हेंब्रम के नेतृत्व में ग्रामीणों ने युवक को बंधक बनाने तथा मारपीट करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज नहीं करने की शर्त भी लगायी.
युवक की स्थिति गंभीर
बंधक से मुक्ति के बाद युवक को प्रशासनिक अधिकारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य कें द्र, रामगढ़ में भरती कराया. जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. छेड़छाड़ के आरोप में बंदी बनाये गये युवक के पिता शिवशंकर पाल को भी ग्रामीणों ने शुक्रवार को बंदी बना लिया था.
इस पूरे प्रकरण में रामगढ़ पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही. शनिवार को कुंडा पहुंचे थाना प्रभारी रामवतार यादव बंधक युवक को जहां कुंडा के ग्रामीणों के रहमोकरम पर छोड़ आये थे. रविवार को भी कोई पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे.
डीएसपी रामगहन उरांव के अनुसार शनिवार को दिन भर थाने में रहने के बावजूद स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने उन्हें मामले की जानक ारी नहीं दी थी. उन्हें संध्या साढ़े सात बजे के बाद मामले की जानकारी मिली. मामले में किसी तरह की प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी गयी है.
