बासुकिनाथ : मेलर आदिम जनजाति संघर्ष मोरचा के सदस्यों ने बुधवार को दूसरे दिन भी अपने विभिन्न मांगों को लेकर देवघर-दुमका मुख्य मार्ग को जाम किया. जरमुंडी प्रखंड के सरडीहा, सहारा व तालझारी में मेलर जाति के लोगों ने रोड जाम किया.
सरकार के विरोध में नारे लगाये. वरीय अधिकारियों के आश्वासन पर देर शाम जाम हटाया गया. संघर्ष मोरचा के सदस्यों ने बताया कि मेलर जाति के सभी उपजातियों को अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध कराने के लिए सरकार पर दवाब बनायेगी. इसके लिए संघर्ष मोरचा के सदस्यों ने बताया कि भुइयां, घटवाल, खेतौरी व पहाड़िया यहां के आदिम जनजाति हैं.
जो मूलत: द्रविड़ियन ग्रुप के मेलर जाति के लोग हैं. मेलर जाति का अस्तित्व खतरे में है. एक साजिश के तहत एसपीटी एवं सीएनटी कानून को बदल कर जमीन से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है. संघर्ष मोर्चा ने बताया कि सरकार जबतक मांगें नहीं मानेगी तबतक मेलर जाति के लोगों का आंदोलन जारी रहेगा.
भुईयां, घटवाल, खैतोरी जाति को पुन: आदिम जनजाति का दर्जा मिले, एसपीटी व सीएनटी कानून में संशोधन नहीं हो आदि मांगों के वास्ते आंदोलन चलती रहेगी.
यात्रियों को हुई परेशानी
मेलर आदिम जनजाति द्वारा रोड जाम करने से लोगों को काफी परेशानी हुई. दूर-दूर जाने वाले यात्री अपने बच्चों को लेकर भूखे प्यासे भटकते देखे गये. रोड पर कई किलोमीटर तक छोटी बड़ी गाड़ियों की लंबी कतार लग गयी. यात्री स्थानीय प्रशासन से जाम हटवाने का अनुरोध करते रहे.
