कहीं फोड़े गये वाहन के शीशे, तो कहीं वाहन चालक हुए आक्रोश के शिकार
संताल परगना में मेलर आदिम जनजाति संघर्ष मोरचा का आंदोलन का प्रथम दिन असरदार रहा. एक भी चौपहिया वाहन तक नहीं चला. हर आठ-दस किमी की दूरी पर सड़क जाम रहने से लोगों को खूब फजीहत हुई.
वाहन चालकों ने निकलने का प्रयास किया, तो उन्हें आक्रोश का इजहार करना पड़ा. कैराबनी में आरा एक ट्रक ड्राइवर गंगा सागर यादव को पीटकर जाम समर्थकों ने घायल कर दिया. यहां आधे दर्जन वाहनों के शीशे भी जाम समर्थकों ने फोड़ डाले. बाद में पुलिस पहुंची. लोगों को खदेड़ा. हालांकि वहां जाम में लोग डटे रहे.
दुमका-रामगढ़ मार्ग
मेलर आदिम जनजाति संघर्ष मोरचा के प्रखंड अध्यक्ष हिसाबी राय के नेतृत्व में दुमका गोड्डा मुख्य मार्ग को कार्यकर्ताओं द्वारा सुबह 7 बजे से 11 बजे तक रामगढ़ बाजार के पास अवरुद्ध कर दिया गया था. रामगढ़ बाजार को बंदी से मुक्त रखा गया था. रामगढ़ के अलावा भागलपुर-हंसडीहा मार्ग पर चंद्रदीप एवं हथगढ़ के पास भी कार्यकर्ताओं ने सड़क को जाम कर दिया.
मौके पर मेलर जितलाल राय, गोबर्धन राउत, शंभु मांझी, सुबोध कुंवर, कामेश्वर राय, दिनेश राय, प्रदीप राय, प्रमोद राउत, रामचंद्र राय, लोटन राय, बंगाली राय, योगेंद्र राउत, शंकर राउत, अमृत राउत, गुली मांझी, हरिकृष्ण कुंवर आदि मौजूद थे.
दुमका-देवघर मार्ग
जामा प्रखंड के जामा चौक, सिलांदा महारो चौक एवं कैराबनी चौक में दिन भर जाम लगा रहा. जाम को शांतिपूर्वक बनाये रखने के लिए डीएसपी रामगहन उरांव, थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह पुलिस दल लेकर जामा चौक में मौजूद थे.
इस संदर्भ में बेमियादी झारखंड बंद का ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, जनजाति आयोग, गृह मंत्रलय, डीजीपी संताल परगना को अध्यक्ष दामोदर सिंह द्वारा दिया गया. जाम को सफल बनाने में जामा में मुन्ना दर्वे, सिकंदर, आनंदी राउत एवं कैराबनी में दयाली सिंह, डोमन राय, परवल राय एवं महारो चौक में विश्वनाथ, दुर्योधन राय के अलावे सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे.
