मेलर समाज को मिले आदिम जनजाति का दर्जा

दुमका : मेलर आदिम जनजाति संघर्ष मोरचा के बेमियादी झारखंड बंद का संताल परगना में असर देखा गया. मेलर समाज के लोगों ने अपनी मांगों को लेकर महेशपुर, गोड्डा, फतेहपुर (जामताड़ा) व देवघर जिले के पालोजोरी में सड़क जाम किया. बंद का दुमका में व्यापक असर दिखा. दुमका आने-जाने वाली सभी प्रमुख सड़कों पर आवागमन […]

दुमका : मेलर आदिम जनजाति संघर्ष मोरचा के बेमियादी झारखंड बंद का संताल परगना में असर देखा गया. मेलर समाज के लोगों ने अपनी मांगों को लेकर महेशपुर, गोड्डा, फतेहपुर (जामताड़ा) व देवघर जिले के पालोजोरी में सड़क जाम किया. बंद का दुमका में व्यापक असर दिखा. दुमका आने-जाने वाली सभी प्रमुख सड़कों पर आवागमन पूरी तरह ठप रही.

दुपहिया वाहनों, एंबुलेंस आदि को छोड़कर एक भी वाहन नहीं चले. वाहनों के नहीं चलने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. जगह-जगह मेलर आदिम जनजाति संघर्ष मोरचा के कार्यकर्ताओं ने हाथ में परंपरागत हथियार के साथ चक्का जाम को सफल बनाया. विभिन्न स्थानों पर पदाधिकारियों व कई जन प्रतिनिधियों के वाहन भी जाम में फंसे.

कुछ स्थानों पर मोरचा समर्थकों एवं जाम में फंसे लोगों के बीच झड़प भी हुई. मोरचा के केंद्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह मेलर ने बंद को ऐतिहासिक बताया और कहा कि मांग पूरी होने तक वे लोग आंदोलन में डटे रहेंगे.

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