दुमका : भाकपा माओवादी संगठन के संताल परगना जोनल कमेटी के प्रवक्ता सोनोत जी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि उनकी हिट लिस्ट में उन नेताओं व मंत्रियों का नाम है, जो माओवादी पार्टी का विरोध करते हैं.
एक अन्य अखबार में छपी खबर का खंडन करते हुए सोनोत जी ने कहा : माओवादी संगठन ने न तो आज तक निदरेष विधायकों-सांसदों को मारा है और न ही मारने की कोई उनकी योजना है.
ऐसे में सबके-सब नेता व मंत्रियों को मारने का आरोप लगाना सही नहीं है. उन्होंने कहा है कि संगठन विरोधी नेताओं का नाम जरूर उनकी लिस्ट में है. उक्त खबर में लिखा गया था कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं पर नक्सली हमले के बाद झारखंड के नेताओं में सुरक्षा की चिंता बढ़ गयी है. प्रदेश में 14 लोकसभा, छह राज्यसभा एवं 81 विधायकों में से नक्सली हिटलिस्ट में सबसे उपर बाबूलाल मरांडी हैं.
वर्तमान व्यवस्था पर विश्वास नहीं
माओवादी प्रवक्ता सोनोत जी ने कहा कि वर्तमान लोकसभा एवं विधानसभा पर उनके संगठन को विश्वास नहीं है क्योंकि यह व्यवस्था 80 फीसदी मेहनतकश जनता के लिए शोषणकारी व्यवस्था है. नेता-मंत्री और मुट्ठीभर दलाल पूंजीपति और साम्राज्यवादियों के हित के लिए ही प्रतिनिधित्व करते हैं.
सोनोत जी ने कहा : माओवादी संगठन ऐसी शोषणवादी व्यवस्था का विरोध करती है. भाकपा-माओवादी देश की मेहनतकश जनता की मुक्ति का संग्राम चला रही है. क्रांतिकारी समाजवादी समाज के निर्माण के लिए माओवादी संगठन हर अन्याय के विरोध में संघर्ष करती है तथा प्रतिक्रियावादी,क्रांति विरोधी व दलाल-बदमाशों को सजा देती है. महेंद्र कर्मा भी क्रांति विरोधी थे, उसी का यह परिणाम है.
