दुमका में भी प्रदर्शन, उठी मांग : संतालपरगना के 1356 वर्गमील में चिह्नित पहाड़िया लैंड को अलग करो

दुमका : पहाड़िया लैंड मुक्ति सेना के बैनर तले उपराजधानी दुमका में पहाड़िया आदिम जनजाति वर्ग के हजारों लोग दुमका-पाकुड़ समेत आसपास के इलाके से जुटे तथा विशाल प्रदर्शन कर संताल परगना से दामिन-इ-कोह के रूप में 1356 वर्गमील में चिह्नित पहाड़िया लैंड को अलग करने की मांग उठायी. आयुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन से […]

दुमका : पहाड़िया लैंड मुक्ति सेना के बैनर तले उपराजधानी दुमका में पहाड़िया आदिम जनजाति वर्ग के हजारों लोग दुमका-पाकुड़ समेत आसपास के इलाके से जुटे तथा विशाल प्रदर्शन कर संताल परगना से दामिन-इ-कोह के रूप में 1356 वर्गमील में चिह्नित पहाड़िया लैंड को अलग करने की मांग उठायी. आयुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन से पूर्व इंडोर स्टेडियम में पहाड़िया मुक्ति सेना की सभा हुई और दामिन-ई-कोह का 195 वां स्थापना दिवस मनाया. इसमें पहाड़िया आदिम जनजाति की स्थिति तथा अन्य गंभीर विषयों पर चर्चा की गयी और वहां से जुलूस की शक्ल में प्रदर्शनकारी बारिश में भींगते हुए प्रदर्शन करते रहे.
आयुक्त कार्यालय पहुंचे से पहले ही जोरदार बारिश शुरू हो गयी, पर प्रदर्शनकारी वहां डटे रहे.पीएम के नाम सौंपा ज्ञापन : प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री के नाम संबोधित 15 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि संताल परगना से पहाड़ियाओं का रिजर्व देश अलग होना चाहिए. प्रदर्शनकारियों ने सल्तनत महेशपुर राज व पहाड़िया राज्य शंकरा स्टेट गांदो में पड़नेवाले दुमका, महेशपुर, लिट‍्टीपाड़ा, बरहेट, शिकारीपाड़ा, बोरियो, राजमहल तथा दुमका लोकसभा क्षेत्र को माल पहाड़िया, सौंरिया पहाड़िया व कुमारभाग पहाड़िया के लिए रिजर्व किया जाये. वहीं 30 जून 1855 को शहीद हुए पहाड़िया राजा दिग्विजय के हत्यारों व साजिशकर्ताओं को देशद्रोही घोषित करने की भी मांग उठायी गयी.

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