रानीश्वर : प्रखंड में पिछले एक-डेढ़ दशक में तीन ऐसे उच्चस्तरीय पुल बने हैं, जिसका एप्रोच संबंधित विभाग केवल इसलिए नहीं बना सका है कि पुल के आगे की जमीन जमाबंदी है. रैयत जमीन देने को तैयार नहीं है. जमीन मिल जाती, तो अब तक ये तीनों पुल चालू हो गये होते. दो पुल तो कोलकाता जाने वाले मार्ग में हैं, जबकि एक सिउड़ी-सैंतिया जाने वाले मार्ग में. पुल बनाने से पहले भू-अर्जन कर लिया गया होता, तो जमीन की कमी की वजह से बनकर तैयार पुल का उपयोग न हो पाने का ऐसा मामला न आता.
भूमि अधिग्रहण नहीं होने से पुल बने, पर एप्रोच नहीं
रानीश्वर : प्रखंड में पिछले एक-डेढ़ दशक में तीन ऐसे उच्चस्तरीय पुल बने हैं, जिसका एप्रोच संबंधित विभाग केवल इसलिए नहीं बना सका है कि पुल के आगे की जमीन जमाबंदी है. रैयत जमीन देने को तैयार नहीं है. जमीन मिल जाती, तो अब तक ये तीनों पुल चालू हो गये होते. दो पुल तो […]
