मॉडल स्कूल : शिक्षिका एक, छात्र छह!

रानीश्वर : रानीश्वर के मॉडल स्कूल मात्र छह बच्चों के बीच सिमट कर रह गया है. वर्ष 2011 के 15 नवंबर को तत्कालीन मुख्यमंत्री अजरुन मुंडा रांची से आनलाइन आसनबनी हाई स्कूल में मॉडल स्कूल का उदघाटन किया था. उदघाटन के बाद कई महीनों तक स्कूल संचालन के लिए कोई पहल नहीं किया गया था. […]

रानीश्वर : रानीश्वर के मॉडल स्कूल मात्र छह बच्चों के बीच सिमट कर रह गया है. वर्ष 2011 के 15 नवंबर को तत्कालीन मुख्यमंत्री अजरुन मुंडा रांची से आनलाइन आसनबनी हाई स्कूल में मॉडल स्कूल का उदघाटन किया था. उदघाटन के बाद कई महीनों तक स्कूल संचालन के लिए कोई पहल नहीं किया गया था. बाद वर्ष 2012 में आनन-फानन में आसनबनी के बदले उच्च विद्यालय रघुनाथपुर के एक भवन में मॉडल स्कूल चालू किया गया. उस समय छह बच्चे नामांकन कराया था.

वर्ष 2013 में एक भी बच्चे नामांकन नहीं कराया. 2014 में अभी तक एक भी नामांकन कराने की सूचना नहीं है. मॉडल स्कूल खोले जाने के बाद तीन शिक्षक अनुबंध पर प्रतिनियुक्त किया गया था. गणित के शिक्षक सोनू कमार व सामाजिक विज्ञान विषय के अरुण कुमार सिंह जनवरी 2014 से स्कूल आना बंद कर दिया है. एकमात्र अंगरेजी विषय की शिक्षिका यूनिफ्रे ड मरांडी स्कूल पहुंच रही है तथा कक्षा चलाती है. स्कूल में नामांकित छह बच्चों में से नियमित तीन चार ही बच्चे पहुंचते हैं.

एकमात्र शिक्षिका श्रीमती मरांडी ने बताया कि उन्हें वेतन नहीं मिलता है. प्रति कक्षा 120 रुपये की दर से भुगतान मिलता है. स्कूल का भवन नहीं है. रघुनाथुपर उच्च विद्यालय के एक भवन में कक्षा चलाती है. पठन-पाठन की सामग्री भी विभाग द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया है. रजिस्टर व अन्य सामग्री अपने से खरीदना पड़ रहा है. यहां वर्ग अष्टम में छह बच्चे हैं. छात्र शाहिद आलम व रूद्र राय ने बताया कि इस साल किताबें भी नहीं मिली है. सनद रहे कि प्रखंड स्तर पर अंगरेजी माध्यम के आवासीय एक मॉडल स्कूल खोलकर उसमें चालीस गरीब बच्चों को अंगरेजी माध्यम से शिक्षा देने का उद्देश्य था. सरकार की महत्वाकांक्षी उद्देश्य सफल नहीं हो सका.

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