वैकल्पिक साधन के अभाव में फसलें सूखने के कगार पर
दुमका : जिले में पिछले एक सप्ताह से भीषण गरमी और लू चलने से जहां आम जनजीवन पर असर दिखने लगा है, वहीं किसानों की मुश्किलें बढ़ने लगी है. खेत-खलिहान में लगी फसल बरबाद होने के कगार पर है. जलस्त्रोत सूखने लगा हैं. सिंचाई के वैकल्पिक साधन नहीं होने से खाद-बीज पर लगी पूंजी डूबता नजर आ रहा है.
सबसे ज्यादा मार तो उन किसानों को उठाना पड़ रहा है, जिन किसानों ने गरमा धान की खेती की थी. गरमा धान की खेती रानीश्वर के उन इलाकों में हुई है, जहां सिंचाई के साधन थे, लेकिन इस मौसम में सिंचाई के उन स्त्रोतों-संसाधनों का लाभ नहीं मिलने से उनकी आखों के सामने ही दिनों दिन फसल सूखती व झुलसती और मुरझाती जा रही है.
