दुमका : जीवन आशा कार्यक्रम व बचपन बचाओ अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों की एक कार्यशाला सूचना भवन में हुई. जिसकी अध्यक्षता जिप उपाध्यक्ष अशोक कुमार ने की. उन्होंने कहा कि जब तक कुपोषण से मुक्ति नहीं मिलेगी, तबतक पूर्ण स्वस्थ समाज की कल्पना नहीं की जा सकती. कुपोषण उपचार केंद्र के प्रभारी चिकित्सक डॉ दिलीप भगत ने कहा कि उचित पोषण व कम आयु में विवाह की वजह से कुपोषण का शिकार बनती है.
फिर उनके गर्भस्थ शिशु पर उसका असर पड़ता है. इससे ना सिर्फ उनका मानसिक विकास अवरुद्ध होता है, बल्कि प्रतिरोधक क्षमता भी घटती है. उन्होंने कुपोषित बच्चों की पहचान कर नि:शुल्क उपचार के लिए कुपोषण उपचार केंद्र पहुंचाने की अपील प्रतिनिधियों से की. मौके पर सीडीपीओ कुमारी रंजना, उषा हेंब्रम, कुमारी रीतु, नायाब जेबा, गीता बेसरा, ग्रेसी किस्कू आदि मौजूद थी.
