दुमका : झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने एसपीटी-सीएनटी एक्ट में संशोधन से संबंधित बिल राज्यपाल द्वारा लौटाये जाने का स्वागत किया है.उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने झारखंड की जनभावनाओं का सम्मान किया है. रविवार को दुमका में हक व हासा बचाओ कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि अब राज्य सरकार को भी जन भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और दोबारा संशोधन का प्रयास नहीं करना चाहिए.
इससे पूर्व उन्होंने हक व हासा बचाओ कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं से कहा कि 1855 में सिदो-कान्हू व चांद-भैरव के नेतृत्व में जिन मुद्दों को लेकर हूल हुआ था, आज भी वे मुद्दे विद्यमान हैं. उस वक्त अंगरेज संरक्षक की भूमिका में थे और महाजन जमीन छीन रहे थे. आज सरकार कॉरपोरेट घरानों की संरक्षक बन गयी है तथा उनके लिए जमीन छीनने का काम कर रही है.
माले ने भी स्वागत किया
राजभवन से सीएनटी-एसपीटी एक्ट का संशोधित बिल वापस कर दिये जाने का माले ने स्वागत किया है. पार्टी के राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद एवं जिला सचिव भुवनेश्वर केवट ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ झारखंड की जनता संघर्षरत थी. बिल वापस करना संघर्ष की जीत है. सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़ कर कंपनियों के बजाय जनता की आकांक्षाओं के साथ खड़ा होनाचाहिए.
