दुमका : जिले के रामगढ़ अंचल कार्यालय में कार्यरत अंचल सहायक राजेश अंबष्ठ को भ्रष्टाचार निरोधक कोषांग ने पांच हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा. राजेश अंबष्ठ रामगढ़ अंचल से ही सेवानिवृत्त हुए चौकीदार बद्री ततवा से पहले आठ हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी. यह रिश्वत बद्री को मिले एसीपी के लाभ दिलाने के लिए उसकी संचिका निष्पादित करने के लिए मांगी जा रही थी. पैसे न मिलने की वजह से बद्री को वह बार-बार चक्कर लगवा रहा था.
बिना पैसे के उसने काम न करने की बात भी वह कह चुका था, इसलिए 2016 से ही वह इसके लाभ से वंचित था. बद्री जब 8 हजार नहीं दे पाया तो अंत में राजेश अंबष्ठ पांच हजार रुपये की मांग करने लगा. बद्री ने 2012 में ही सेवानिवृति हो जाने तथा बीमारी में खर्च की दुहाई दी, फिर भी वह नहीं माना. थक हारकर बद्री ने भ्रष्टाचार निरोधक कोषांग के दुमका स्थित थाने में इसकी शिकायत की. जिसके बाद राजेश अंबष्ठ को सुबह अंचल कार्यालय से पांच हजार रुपये के साथ रंगे हाथों धर दबोचा गया.
दुधानी का रहने वाला है राजेश
राजेश अंबष्ठ दुमका के दुधानी का रहने वाला है तथा 2016 में ही उसने रामगढ़ अंचल कार्यालय में योगदान किया था. मिली जानकारी के मुताबिक वह शिकारीपाड़ा में भी पदस्थापित रहा है. गिरफ्तारी के बाद जांच-पड़ताल के लिए एसीबी की टीम उसे लेकर घर भी गयी थी.
