बासुकिनाथ में 1.42 लाख कांवरियों ने मंदिर अरघा में जल डाला

राजकीय श्रावणी मेला के 12 वें दिन कुल 1.42 लाख श्रद्धालुओं ने अरघा में जल अर्पण कर बाबा से सुख-समृद्धि की कामना की. मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गुंजायमान रहा.

राजकीय श्रावणी मेला के 12 वें दिन बाबा फौजदारीनाथ की भक्ति में ओत-प्रोत हुए कांवरिये.

बासुकिनाथ. राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के बारहवें दिन, मंगलवार को बाबा फौजदारीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही. भोर तीन बजे से ही मंदिर प्रांगण, शिवगंगा घाट और मेला परिसर में कांवरियों की लंबी कतारें लग गयीं. मंदिर प्रबंधन के अनुसार, अब तक कुल 1.42 लाख श्रद्धालुओं ने अरघा में जल अर्पण कर बाबा से सुख-समृद्धि की कामना की. मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गुंजायमान रहा. पुरुष और महिला श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर शिवलिंग पर जल अर्पित किया. प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यवस्था को सुचारू बनाए रखते हुए कांवरियों को नियंत्रित ढंग से मंदिर में प्रवेश दिलाया. तीन बजे भोर से शुरू हुआ भक्तों का तांता शाम तक लगातार बना रहा. संध्या पूजा के दौरान थोड़ी देर के लिए जलार्पण रोका गया, लेकिन फिर यह सिलसिला अनवरत चलता रहा. कांवरियों की कतारें संस्कार मंडप, फलाहारी धर्मशाला, क्यू कॉम्पलेक्स और शिवगंगा पीड़ तक फैली रहीं. शिवगंगा घाट पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही, जहां भक्तों ने स्नान कर अपने साथ लाए गंगाजल का संकल्प पंडितों से करवाया और फिर जलार्पण के लिए कतारबद्ध हो गए. रूटलाइन में “बोल बम ” और “बाबा एक सहारा है ” के नारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा. मंदिर प्रशासन के अनुसार, 16,154 श्रद्धालुओं ने जलार्पण काउंटर के माध्यम से भगवान शिव को जल अर्पित किया. एलईडी स्क्रीन के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान भोलेनाथ के दर्शन भी कराए गए. जल पाइपलाइन के जरिये सीधा शिवलिंग पर गर्भगृह में अर्पित किया गया, जिसे श्रद्धालु ‘इंटरनेट जलार्पण’ भी कहते हैं- विशेषकर वे श्रद्धालु जो लंबी कतार में लगना नहीं चाहते.

आमदनी: सावन के बारहवें दिन 20.05 लाख रुपये की प्राप्ति :

मंदिर न्यास परिषद को मंगलवार को विभिन्न स्रोतों से कुल 20,05,447 रुपये की आमदनी हुई. इसमें मंदिर परिसर स्थित दान पेटियों से 3,03,460 रुपये, गर्भगृह गोलक से 44,240 रुपये नकद और अन्य स्रोतों से 1,12,747 रुपये की राशि प्राप्त हुई. इसके अलावा गोलक से 310 ग्राम चांदी भी प्राप्त हुई. यह राशि मंदिर प्रशासनिक भवन में अधिकारियों और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में गिनी गयी.

शीघ्रदर्शनम व्यवस्था के तहत 5150 श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण :

मंगलवार को शीघ्रदर्शनम व्यवस्था के अंतर्गत 5,150 श्रद्धालुओं ने बाबा फौजदारीनाथ का सुलभ जलार्पण किया, जिससे मंदिर समिति को 15.45 लाख रुपये की आमदनी हुई. श्रद्धालुओं ने 300 रुपये का कूपन मंदिर कार्यालय से प्राप्त किया, जिसके माध्यम से वे सीधे सिंह द्वार से मंदिर में प्रवेश पाकर विशेष द्वार से गर्भगृह में जलार्पण कर सके. हालांकि, पटना से आए कुछ श्रद्धालुओं ने यह कहते हुए टोकन वापस कर दिया कि वे पैसे देकर जलार्पण नहीं करेंगे. उन्होंने सामान्य जलार्पण काउंटर से नि:शुल्क जल अर्पण करना पसंद किया। फिर भी अधिकांश श्रद्धालु शीघ्रदर्शनम की सुव्यवस्थित प्रणाली से संतुष्ट दिखे.

महामृत्युंजय मंत्र: शिवभक्ति का परम उपाय :

पंडित सुधाकर झा ने बताया कि महामृत्युंजय मंत्र का जाप व्यक्ति को मृत्यु भय, रोग और मानसिक कष्टों से मुक्ति दिलाता है. यह मंत्र भगवान शिव को समर्पित है और इसके जाप से आयु, स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है. पंचाक्षरी मंत्र ”ॐ नमः शिवाय” और महामृत्युंजय मंत्र का 108 या 1100 बार जाप करना विशेष रूप से शुभ होता है. सावन मास में, विशेषकर सोमवार को, इसका जाप अत्यंत फलदायी होता है. इस पावन अवसर पर रुद्राभिषेक, पार्थिव पूजा और मानस पूजा का विशेष महत्व है, जो विश्व शांति और जीवन कल्याण की दिशा में प्रभावी माने जाते हैं.

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Published by: Anand jaswal

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