चंद्रपुरा बोकारो से बिनोद सिन्हा की रिपोर्ट
Bokaro News: झारखंड के बोकारो जिले में 1 जून सोमवार की शाम चंद्रपुरा पावर प्लांट के मुख्य द्वार में दस सूत्री मांगों को लेकर विस्थापित और स्थानीय संघर्ष समिति ने विराट प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में काफी संख्या में आसपास के गांवों के महिला-पुरुषों सहित युवा वर्ग ने पारंपरिक हथियार के साथ भाग लिया.
डीवीसी प्रबंधन के खिलाफ की नारेबाजी
जुलूस में प्लांट गेट पहुंचे लोगों ने दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
15 दिन में मांगें पूरी नहीं हुई तो होगा आंदोलन
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए समिति के संरक्षक लखी हेम्ब्रम ने कहा कि डीवीसी ने हमारे सीधे सादे पूर्वजों से जमीन ले ली मगर ना तो सुविधायें दी और ना नौकरी. इस बार यहां 1600 मेगावाट का नया प्लांट लगना है इसलिए इसमें विस्थपितों और स्थानीय युवकों को नौकरी देना, सीएसआर में विस्थापित के एक सदस्य को रखने, विस्थापितों को संवेदक बनाने और विस्थापित गांवों में विकास करने की हमारी मांग को पूरा करना होगा नहीं तो यहां पर 15 दिनों के बाद जोरदार आंदोलन किया जाएगा.
डिनोबिली स्कूल के लिए जमीन देने का किया विरोध
उन्होंने डीवीसी प्रबंधन द्वारा डिनोबिली स्कूल के लिए आवासीय काॅलोनी में जमीन देकर स्कूल बनाने के निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि जिस स्कूल में गरीबों की पढ़ाई आरटीई के तहत निःशुल्क नहीं होती हो और डीवीसी के बच्चों को भी फीस में छूट नहीं मिलती हो वैसे स्कूल की यहां जरूरत नहीं है.
बिरसा स्कूल को जमीन देने की उठाई मांग
उन्होंने कहा कि वर्तमान में झरनाडीह के बिरसा स्कूल में आसपास के विस्थापित और स्थानीय गांवों के गरीब बच्चे कम फीस में बेहतर पढ़ाई कर रहें हैं इसलिए डीवीसी को इस स्कूल को भी आवासीय काॅलोनी में जगह देकर स्कूल बनानी चाहिए.
कई नेताओं और ग्रामीणों ने किया संबोधित
प्रदर्शन को दुखन मुर्मू, नारायण मरांडी, रोहन सोरेन, आशा कुमारी, आशा देवी, कौशल्या देवी, मंजू देवी, मीना कुमारी आदि ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन रथूलाल महतो ने किया.
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