खराब ट्यूबवेलों की तुरंत होगी मरम्मत, पेयजल विभाग की इस नई योजना से ग्रामीणों को राहत

धनबाद के ग्रामीण इलाकों में सरकारी ट्यूबवेलों के खराब होने से उत्पन्न पेयजल संकट को कम करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है. विभाग ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से ट्यूबवेलों की मरम्मत और रखरखाव की व्यवस्था की है. यह व्यवस्था 2026-27 तक लागू रहेगी.

धनबाद. ग्रामीण इलाकों में सरकारी ट्यूबवेल खराब होने के बाद लंबे समय तक पेयजल संकट की स्थिति को कम करने की तैयारी शुरू कर दी गयी है. पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या-2 ने विभागीय स्तर पर ड्रिल किये गये ट्यूबवेलों की मरम्मत और रखरखाव के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसी नियुक्त करने का टेंडर जारी किया है. चयनित एजेंसी को ट्यूबवेलों की मरम्मत के लिए वाहन, मजदूर, टूल्स और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने होंगे. इससे खराब ट्यूबवेल तक मरम्मत टीम और आवश्यक संसाधन पहुंचाने में सुविधा होगी.

2026-27 के लिए शुरू की गयी व्यवस्था

विभाग की ओर से जारी टेंडर के अनुसार, वर्ष 2026-27 में अलग-अलग प्रखंडों में विभागीय स्तर पर ड्रिल किये गये ट्यूबवेलों के मेंटेनेंस और रिपेयर के लिए यह व्यवस्था की जा रही है. फिलहाल रिपेयरमारा (बाघमारा सेक्शन) के लिए टेंडर जारी किया गया है. कार्य की अनुमानित लागत 1.18 लाख रुपये है. चयनित एजेंसी को 120 दिनों तक सेवा देनी होगी.

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ट्यूबवेल खराब होने पर दूसरे स्रोतों पर निर्भरता होगी कम

ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर सरकारी ट्यूबवेल ही लोगों के लिए प्रमुख पेयजल स्रोत हैं. गर्मी, तकनीकी खराबी या अन्य कारणों से ट्यूबवेल बंद होने पर उसकी मरम्मत में देरी से लोगों को दूसरे जलस्रोतों पर निर्भर होना पड़ता है. विभाग की ओर से नियमित रखरखाव और जरूरत पड़ने पर तत्काल मरम्मत की व्यवस्था किये जाने से खराब ट्यूबवेल को जल्द चालू करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

वाहन और उपकरण की जिम्मेदारी भी एजेंसी की

टेंडर की शर्तों के अनुसार एजेंसी को केवल मजदूर उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहना होगा. मरम्मत कार्य के लिए ट्रैक्टर या अन्य उपयुक्त वाहन के साथ आवश्यक टूल्स और प्लांट की व्यवस्था भी एजेंसी को करनी होगी. इससे विभागीय टीम को प्रत्येक ट्यूबवेल तक पहुंचने के लिए अलग से वाहन और संसाधन जुटाने की जरूरत कम होगी. इसका असर मरम्मत कार्य में लगने वाले समय पर भी पड़ सकता है.

24 सितंबर तक जमा होंगे टेंडर

ई-प्रोक्योरमेंट के तहत बिड जमा करने की अंतिम तिथि 24 सितंबर 2026 को शाम चार बजे निर्धारित की गयी है. टेंडर 25 सितंबर को शाम चार बजे खोला जायेगा. चयनित एजेंसी के माध्यम से ट्यूबवेलों के रखरखाव और मरम्मत की व्यवस्था को व्यवस्थित करने का लक्ष्य है. इससे खासकर उन ग्रामीण उपभोक्ताओं को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो सरकारी ट्यूबवेलों पर पेयजल के लिए निर्भर हैं.

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By Vicky Prasad

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