मुनीडीह स्थित भटिंडा फॉल में रविवार की शाम एक बड़ा हादसा टल गया. बोकारो से घूमने आये तीन युवक झरने के तेज बहाव में फंसकर डूबने लगे, लेकिन स्थानीय गोताखोरों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से सभी की जान बचा ली गयी. घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
फोटो खिंचवाने के दौरान बहने लगा युवक
जानकारी के अनुसार शाम करीब साढ़े चार बजे दो बाइक पर सवार पांच युवक बोकारो से भटिंडा फॉल पहुंचे थे. सभी ने वहां समय बिताने के बाद झरने के पास फोटो खिंचवाना शुरू किया. इसी दौरान एक युवक सुरक्षा के लिए लगायी गयी रस्सी को पार कर झरने के समीप पहुंच गया. फोटो खिंचवाने के दौरान उसका पैर फिसल गया और वह तेज बहाव में बहने लगा.
बचाने गये दो अन्य युवक भी फंसे
पहले युवक को बचाने के प्रयास में उसका एक साथी पानी में उतरा, लेकिन वह भी तेज धारा की चपेट में आ गया. इसके बाद तीसरा युवक भी मदद के लिए पानी में कूद पड़ा और वह भी बहाव में फंस गया. दो युवक मुख्य झरने के सामने से बहते हुए नीचे गहरे पानी में चले गये, जबकि एक युवक चट्टानों के बीच फंस गया.
गोताखोरों ने दिखायी बहादुरी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय तैराक एवं गोताखोर लखी राम बाउरी और नितेश महतो मौके पर पहुंचे. दोनों ने बिना देर किये पानी में छलांग लगायी और कड़ी मशक्कत के बाद तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. रेस्क्यू के बाद सभी युवक सुरक्षित अपने घर लौट गये.
लगातार हो रहे हादसों के बावजूद नहीं बरत रहे सावधानी
भटिंडा फॉल में पूर्व में भी डूबने और दुर्घटना की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इसके बावजूद कई पर्यटक सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर प्रतिबंधित क्षेत्रों में चले जाते हैं. भटिंडा रेस्क्यू टीम के अध्यक्ष संदीप महतो ने पर्यटकों से सुरक्षा व्यवस्था का पालन करने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है.
