पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने गैंगस्टर प्रिंस खान के दाहिने हाथ सैफी उर्फ मेजर को पूछताछ के बाद आसनसोल कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. आसनसोल के व्यवसायी महेंद्र शर्मा से वर्ष 2025 में एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में वहां की पुलिस उससे जल्द पूछताछ कर सकती है. महेंद्र शर्मा निरसा के तेतुलिया गांव स्थित अंकुर बायो फैक्ट्री के मालिक हैं. पुलिस जांच में सैफी के मोबाइल से कई अहम जानकारियां मिली हैं. शुरुआती जांच में करीब 50 अलग-अलग बैंक खातों के जरिए रंगदारी के तौर पर मिले 80 लाख रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन का पता चला है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन पैसों को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर अंततः प्रिंस खान व सैफी तक पहुंचाया गया. रकम जानबूझकर छोटी राशि में बांटी गयी, ताकि ट्रैकिंग मुश्किल हो सके.
वासेपुर-पांडरपाला के एक दर्जन युवा मेजर के संपर्क में
जांच में पता चला है कि वासेपुर व पांडरपाला इलाके के करीब एक दर्जन लोग सैफी के सीधे संपर्क में थे. ये लोग लगातार उससे बातचीत करते थे और धनबाद की हर छोटी-बड़ी गतिविधि की जानकारी उसे मुहैया कराते थे. ये लोग स्थानीय स्तर पर अपराधी, शूटर, हथियार व कई लोगों के मोबाइल नंबर भी सैफी को उपलब्ध कराते थे. इधर, धनबाद पुलिस की टीमें पश्चिम बंगाल में कैंप कर रही हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सैफी को जल्द ही रिमांड पर लेकर धनबाद लाया जायेगा.
पुलिस ने कई स्थानों पर की छापेमारी
सोमवार देर रात पुलिस ने पांडरपाला व वासेपुर इलाके में छापेमारी की. हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही अधिकांश संदिग्ध अंडरग्राउंड हो गये. कई लोगों ने अपने मोबाइल बंद कर लिये हैं, जिससे उनका लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है. पुलिस अब तकनीकी सहायता से इन लोगों की तलाश में जुटी है. सूत्रों ने बताया कि सैफी की गिरफ्तारी के बाद उसके करीबी लोग धनबाद छोड़ चुके हैं.
