बांसजोड़ा. पुलिस की सक्रियता से आउटसोर्सिंग स्थल रणक्षेत्र होने से बचा, वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त
आमने-सामने थे ढुलू महतो व जलेश्वर महतो के समर्थकलोयाबाद
. पुलिस की सक्रियता के कारण मंगलवार को बांसजोड़ा साकार मास आउटसोर्सिंग स्थल रणक्षेत्र बनने से बच गया. आउटसोर्सिंग में दो पक्षों के बीच विवाद को देखते हुए प्रशासन द्वारा उक्त क्षेत्र में निषेधाज्ञा लगा दी गयी थी. उसके बावजूद सांसद ढुलू महतो के समर्थक रैयत व ग्रामीण निषेधाज्ञा तोड़ते हुए आउटसोर्सिंग स्थल पर पहुंच गये और कुछ देर के लिए कंपनी का काम बंद करा दिया. कंपनी का काम बंद होते ही पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो समर्थक आउटसोर्सिंग के मजदूर बंदी नहीं होने देने के लिए वहां जुटने लगे. मामला बिगड़ता इससे पहले डीएसपी दीपक कुमार वहां पहुंच गये और बंद समर्थकों को वहां से हटा दिया. जलेश्वर समर्थक मजदूरों को पांच सौ मीटर दूरी पर ही रोक दिया और कंपनी के काम को चालू करा दिया. उसके बाद प्रशासन की पहल पर सिजुआ क्षेत्रीय कार्यालय में रैयत ग्रामीण और जीएम के साथ वार्ता हुई. जीएम ने मांगों पर विचार करने के लिए दस दिनों का समय मांगा. इस बात पर सहमति बन गयी और आंदोलन समाप्त हो गया. इधर, पुलिस ने हर परिस्थिति से निबटने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी. मौके पर मजिस्ट्रेट के अलावा पुटकी सीओ विकास आनंद, लोयाबाद थानेदार सत्यजीत कुमार, गोंदूडीह थाना प्रभारी राजन कुमार झा, ईस्ट बसुरिया थाना प्रभारी रूपेश कुमार दुबे, मुनीडीह थाना प्रभारी संतोष कुमार महतो, जोगता थाना प्रभारी राजेश कुमार, तेतुलमारी थाना प्रभारी लव कुमार चौधरी सहित जिला पुलिस बल तैनात था. पुलिस ने ड्रोन कैमरा के साथ आंसू गैस एवं वाटर कैनन भी मंगा कर रखा था. दिन के करीब साढ़े दस बजे सांसद समर्थक रैयत व ग्रामीण काम रोकने के लिए पहुंचे. ग्रामीण महिलाएं पुलिस की बेरिकेडिंग को तोड़ते हुए कार्यस्थल पर पहुंच गयीं और काम को रोक दिया. इस दौरान बंद समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई. बंद समर्थक महिलाएं काफी आक्रोशित थीं, वे अपने साथ हाथ में झाड़ू लेकर आयी थीं. इधर कंपनी के मजदूर भी किसी भी कीमत पर काम बंद नहीं होने देने के लिए कांग्रेस का झंडा हाथ में लिये वहां पर पहुंच गये तथा सांसद के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. लेकिन, पुलिस ने दोनों पक्षों को रोक दिया.कोट : विधि-व्यवस्था संधारण के लिए पुलिस तैयार थी. बीसीसीएल प्रबंधन और आंदोलन कर लोगों के बीच सफल वार्ता हुई. उसके बाद आंदोलन समाप्त हो गया.
दीपक कुमार, डीएसपी लॉ एंड आर्डरस्थानीय लोगों को नियोजन देना होगा : सांसद समर्थकसांसद ढुलू महतो के समर्थक सूरज महतो और जेबीकेएसएस की नेत्री रजनी देवी ने कहा कि यह जमीन उनलोगों की है. कंपनी को यहां के लोगों को हरहाल में नियोजन देना होगा. बाहरी लोगों को नियोजन देकर यहां के लोगों को नजरअंदाज किया गया है. धूल व प्रदूषण वे लोग झेल रहे हैं और नौकरी बाहर के लोग कर रहे हैं. इसी से रोजगार जुड़ा है, सांसद को यहां वर्चस्व जमाने नहीं देंगे : जलेश्वर महतो के समर्थकमजदूरों का नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री के समर्थक गौतम रजक ने कहा कि सांसद ढुलू महतो कुछ ग्रामीणों की आड़ में कोलियरी में अपना कब्जा जमाना चाहते हैं. यहां के मजदूर यह किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे. मजदूरों का भविष्य इस कंपनी से जुड़ा हुआ है. यहीं से भरण-पोषण होता है. अपनी जान दे देंगे, किसी का वर्चस्व कायम होने नहीं देंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
