Dhanbad : एशिया-इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुई एसएनएमएमसीएच की उपलब्धि

गत सात मई को एक महिला के पेट का ऑपरेशन कर डॉ अली जैद अनवर के नेतृत्व वाली टीम ने 7.5 किलो का ट्यूमर निकाला था. इसके लिए एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के डॉ गौरव प्रियदर्शी ने टीम को सर्टिफिकेट प्रदान किया है.

धनबाद.

बीते सात मई को शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) की एक उल्लेखनीय चिकित्सा उपलब्धि ने न केवल राज्य को सराहना दिलायी थी, बल्कि विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित किया. डॉ अली जैद अनवर के नेतृत्व वाली डॉक्टरों की टीम ने एक महिला रोगी के पेट का ऑपरेशन कर 7.5 किलोग्राम का स्प्लीन (प्लीहा) ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला, जिसे वैश्विक चिकित्सा इतिहास में अद्वितीय माना गया है. इस उपलब्धि को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड व इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है. बुधवार को दिल्ली से एसएनएमएमसीएच पहुंचे एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के डॉ गौरव प्रियदर्शी ने प्राचार्य डॉ एसके चौरसिया, अधीक्षक डॉ डीके गिंदौरिया व सर्जन डॉ अली जैद अनवर को इसके लिए सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया. बताते चलें कि निरसा के बेनगाड़िया की निवासी दुखीबाला रवानी (50 वर्ष) पेट दर्द की शिकायत लेकर एसएनएमएमसीएच पहुंची थीं. उनके पेट के अल्ट्रासाउंड में 7.5 किलो का स्प्लीन ट्यूमर होने का पता चला. इसके बाद ऑन्कोलॉजी सर्जन डॉ अली जैद अनवर की अगुवाई में एक टीम का गठन कर इस ट्यूमर को निकाला गया. टीम में डॉ अमित मिंज व डॉ आफताब अहमद शामिल थे.

गिनीज व लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने की चल रही प्रक्रिया

प्राचार्य डॉ एसके चौरसिया ने बताया कि 7.5 किलोग्राम का स्प्लीन ट्यूमर निकालना विश्व रिकॉर्ड है. इससे पहले एक महिला के पेट से सबसे बड़ा 2.5 किलो का ट्यूमर निकाला गया था. उन्होंने बताया कि इस उपलब्धि को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स व लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल कराने की प्रक्रिया चल रही है.

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By ASHOK KUMAR

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