धनबाद. बीसीसीएल के सेवानिवृत्त निदेशक (मानव संसाधन) एमके रमैय्या, उनके परिजनों तथा श्रमशक्ति एवं नियोजन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ दी गयी शिकायत को लेकर ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा, कोयला भवन ने अपना रुख स्पष्ट किया है. मोर्चा ने आम सूचना जारी कर कहा है कि उक्त शिकायत पत्र से उसका कोई लेना-देना नहीं है. शिकायत में संयुक्त मोर्चा के नाम पर किये गये हस्ताक्षरों को भी उसने समर्थन नहीं माना है.
कुछ संघों पर धोखे से हस्ताक्षर कराने का आरोप
संयुक्त मोर्चा की ओर से जारी सूचना में आरोप लगाया गया है कि कोयला भवन के कुछ कथित संघों ने मोर्चा से जुड़े कुछ सदस्यों से शिकायत पत्र पर धोखे से हस्ताक्षर करा लिये. मोर्चा ने स्पष्ट किया कि इस तरह लिये गये हस्ताक्षरों को शिकायत के समर्थन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.
आम सूचना के माध्यम से मोर्चा ने शिकायत पत्र में अपने नाम और हस्ताक्षरों के इस्तेमाल से सार्वजनिक रूप से दूरी बना ली है.
सीएमडी और एचआर निदेशक को दी जानकारी
मोर्चा ने पूरे मामले से बीसीसीएल के सीएमडी और निदेशक (मानव संसाधन) को भी अवगत कराया है. जारी आम सूचना पर संयुक्त मोर्चा से जुड़े विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं.
मोर्चा ने अपने बयान के माध्यम से शिकायत पत्र में संयुक्त मोर्चा के नाम के इस्तेमाल और उससे जुड़े कथित हस्ताक्षरों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया है.
शाखा अध्यक्ष ने भी हस्ताक्षर वापस लेने की बात कही
इधर, जनता मजदूर संघ के शाखा अध्यक्ष उपेंद्र कुमार ने भी बीसीसीएल के सीएमडी को पत्र भेजा है. इसमें उन्होंने शिकायत पत्र पर किये गये अपने हस्ताक्षर वापस लेने की बात कही है. साथ ही शिकायत में लगाये गये आरोपों को निराधार बताया है.
ट्रेड यूनियनों में मतभेद सामने आये
इस घटनाक्रम के बाद सेवानिवृत्त निदेशक और अन्य लोगों के खिलाफ की गयी शिकायत को लेकर ट्रेड यूनियनों के बीच मतभेद सामने आये हैं. एक ओर शिकायत पत्र को लेकर सवाल उठाये जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ यूनियन प्रतिनिधियों की ओर से शिकायत से समर्थन वापस लेने की बात कही गयी है.
हालांकि, शिकायत में लगाये गये मूल आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी के आधार पर नहीं होती है. संबंधित पक्षों की ओर से उपलब्ध दस्तावेजों और बयानों के आधार पर ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
