सदर अस्पताल में आइपीएचएल लैब की स्थापना का रास्ता साफ, जल्द शुरू होगा निर्माण

सदर अस्पताल में नई इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आइपीएचएल) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। पुरानी डीपीएचएल लैब को 1.25 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस कर अपग्रेड किया जाएगा। इससे संक्रामक व गैर-संक्रामक बीमारियों की जांच एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगी, जिससे मरीजों की निजी लैब पर निर्भरता कम होगी और समय व पैसे की बचत होगी.

सदर अस्पताल में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आइपीएचएल) की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है. अस्पताल परिसर में लैब निर्माण के लिए चयनित स्थान की रिपोर्ट तैयार कर ली गयी है. स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बाद जल्द ही भवन निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है. निर्माण पूरा होने के बाद चरणबद्ध तरीके से आवश्यक उपकरणों की खरीद कर लैब को संचालित किया जायेगा.

1.25 करोड़ से बनी डीपीएचएल लैब होगी अपग्रेड

आइपीएचएल के लिए सदर अस्पताल में पहले से मौजूद डीपीएचएल लैब को ही विकसित किया जायेगा. इस लैब के निर्माण पर करीब 1.25 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, लेकिन तकनीकी और संसाधनों की कमी के कारण इसका संचालन शुरू नहीं हो सका था. लंबे समय से लैब के उपयोग में नहीं आने के कारण सरकारी निवेश का अपेक्षित लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा था. अब इसे अपग्रेड कर आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जायेगा.

एक ही जगह कई तरह की जांच की सुविधा

आइपीएचएल में संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों से संबंधित कई तरह की जांच एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने की योजना है. यहां ब्लड, शुगर, लिपिड प्रोफाइल, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, कोविड-19, टीबी, हेपेटाइटिस बी-सी और एचआइवी जैसी जांच की सुविधा मिल सकेगी. इसके अलावा यूरिन व स्टूल जांच, लिवर-किडनी फंक्शन टेस्ट, माइक्रोबायोलॉजी, सेरोलॉजी और एंटीबायोटिक सेंसिटिविटी टेस्ट भी किये जा सकेंगे.

पानी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता भी जांची जा सकेगी

आइपीएचएल के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े पानी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच भी की जा सकेगी. इससे जिले में संक्रमण और बीमारियों की निगरानी को मजबूत करने में मदद मिलेगी. डेंगू, कोविड-19 और टीबी जैसी बीमारियों की समय पर पहचान और निगरानी में भी लैब महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

मरीजों को निजी लैब पर निर्भरता होगी कम

लैब शुरू होने के बाद सदर अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों को विभिन्न जांच के लिए निजी लैब या दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम होगी. सरकारी स्तर पर जांच उपलब्ध होने से मरीजों के समय और खर्च दोनों की बचत होगी. खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.

जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, स्थान चयन और रिपोर्ट तैयार होने के बाद अब निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जायेगा. भवन निर्माण के बाद आवश्यक उपकरण स्थापित कर लैब को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना है. आइपीएचएल के संचालन से सदर अस्पताल में जांच सुविधाओं के विस्तार के साथ जिले की सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था भी मजबूत होगी.


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By Vicky Prasad

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