एसआइआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की ड्यूटी का असर अब गोविंदपुर के रजिस्ट्री कार्यालय पर भी दिखने लगा है. एसआइआर कार्य में धनबाद के जगजीवन नगर में रजिस्ट्रार मनोजित प्रसाद की प्रतिनियुक्ति के बाद वहां के कर्मियों के भी वहीं ड्यूटी में चले जाने की बात सामने आई है. इसके कारण गोविंदपुर में जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री का काम लगभग ठप है. इससे आम लोगों के साथ जमीन कारोबार से जुड़े लोगों की परेशानी बढ़ गयी है.
रोज 40 डीड की रजिस्ट्री, अब कामकाज प्रभावित
गोविंदपुर रजिस्ट्री कार्यालय में सामान्य दिनों में प्रतिदिन करीब 40 डीड की रजिस्ट्री होती थी. जमीन की खरीद-बिक्री से सरकार को भी राजस्व मिलता है. स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कार्यालय से हर माह करीब तीन करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होता था. ऐसे में लंबे समय तक रजिस्ट्री का काम बाधित रहने से सरकारी आय पर भी असर पड़ने की आशंका है.
डीड राइटरों की कमाई बंद, कई छोटे कारोबार प्रभावित
रजिस्ट्री कार्यालय के भरोसे दर्जनों डीड राइटर की आजीविका चलती है. रजिस्ट्री ठप होने से इनके सामने रोजगार का संकट हो गया है. डीड राइटरों का कहना है कि रोजाना रजिस्ट्री होने पर ही उन्हें काम मिलता था.
अब कार्यालय का कामकाज प्रभावित होने से आय लगभग बंद हो गयी है. इसका असर स्टांप विक्रेताओं, टाइपिंग, फोटो कॉपी और दस्तावेज तैयार करने वालों पर भी पड़ा है. कार्यालय के आसपास चाय-नाश्ता समेत अन्य छोटे कारोबार भी प्रभावित हैं.
जमीन बेचने वालों की बढ़ी परेशानी
रजिस्ट्री बंद होने का सर्वाधिक असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जिन्हें तत्काल पैसों की जरूरत है. कई लोग शादी-विवाह, बच्चों की उच्च शिक्षा, मकान निर्माण या इलाज का खर्च जुटाने के लिए जमीन बेचते हैं.
कई मामलों में खरीदार और विक्रेता के बीच सौदा तय हो चुका है, पर रजिस्ट्री नहीं होने से आगे की प्रक्रिया अटक गयी है. कुछ खरीदार विक्रेता को अग्रिम राशि भी दे चुके हैं. ससमय रजिस्ट्री नहीं होने से भविष्य में दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनने की आशंका है.
अक्तूबर तक जारी रह सकती है परेशानी
जानकारी के अनुसार, एसआइआर की प्रक्रिया अक्तूबर तक चलने की संभावना है. यदि गोविंदपुर रजिस्ट्री कार्यालय के लिए जल्द वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई तो जमीन की खरीद-बिक्री का काम लंबे समय तक प्रभावित रह सकता है.
वैकल्पिक व्यवस्था करने की उठ रही मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि एसआइआर महत्वपूर्ण सरकारी कार्य है, पर इसके कारण दूसरे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय का काम पूरी तरह बाधित नहीं होने चाहिए. लोगों ने विभाग से रजिस्ट्रार की प्रतिनियुक्ति रद्द करने या वैकल्पिक रजिस्ट्रार अथवा सक्षम अधिकारी की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था होने से जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलेगी.
