रंजय सिंह हत्याकांड में अब 19 सितंबर को आएगा कोर्ट का फैसला, संजीव सिंह के करीबी माने जाते थे

धनबाद के बहुचर्चित रंजय सिंह हत्याकांड का फैसला 19 सितंबर को आएगा. 337 तारीखों बाद, एक बार फिर फैसले को टाल दिया गया. जानिए पूरा मामला.

धनबाद के बहुचर्चित रंजय सिंह हत्याकांड में शनिवार, 5 सितंबर को प्रस्तावित फैसला एक बार फिर टल गया. जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने अब फैसला सुनाने के लिए 19 सितंबर की तारीख तय की है. करीब 337 तारीखों की लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद शनिवार को निर्णय आने की उम्मीद थी, लेकिन फैसला नहीं सुनाया जा सका.

फैसले की तारीख को लेकर मृतक के परिजनों और मामले से जुड़े लोगों की निगाहें अदालत की कार्यवाही पर टिकी थीं. अब सभी को 19 सितंबर का इंतजार है.

29 जनवरी 2017 को हुई थी रंजय सिंह की हत्या

रंजय सिंह उर्फ रवि रंजन सिंह की 29 जनवरी 2017 की शाम सरायढेला थाना क्षेत्र में बिग बाजार के सामने चाणक्य नगर मोड़ के पास गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. उपलब्ध अदालती रिकॉर्ड और पूर्व की रिपोर्टों के अनुसार, रंजय सिंह स्कूटी से जा रहे थे. उनके साथ राजा यादव भी मौजूद थे.

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चाणक्य नगर के समीप हमलावरों ने रंजय सिंह को निशाना बनाकर गोली मार दी. घटना में रंजय सिंह की मौत हो गयी, जबकि उनके साथ मौजूद राजा यादव बच गये. इसके बाद राजा यादव की शिकायत पर सरायढेला थाना में मामला दर्ज किया गया था.

संजीव सिंह के करीबी माने जाते थे रंजय

रंजय सिंह संजीव सिंह के करीबी माने जाते थे. इसी वजह से यह हत्याकांड धनबाद के राजनीतिक और आपराधिक घटनाक्रम में काफी चर्चित रहा.

मेयर संजीव सिंह

जांच के दौरान पुलिस ने नंद कुमार सिंह उर्फ रूना सिंह उर्फ बबलू उर्फ मामा और हर्ष सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया. हालांकि, दोनों के खिलाफ लगाए गये आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत को उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर करना है.

अभियोजन ने पेश किये 23 गवाह

मामले की सुनवाई लंबे समय तक चली. अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 23 गवाहों की गवाही करायी गयी. इनमें घटना के प्रत्यक्षदर्शी राजा यादव के अलावा पुलिस पदाधिकारी, चिकित्सक और तकनीकी साक्ष्यों से जुड़े गवाह शामिल रहे.

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मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से अपनी-अपनी दलीलें पेश की गयी हैं. आरोपी हर्ष सिंह ने अपने सफाई बयान में हत्या कराने के आरोप से इनकार किया था. उन्होंने घटना के दिन अपने धैया स्थित आवास पर होने की बात कही थी.

19 सितंबर को फैसले पर टिकी निगाहें

अभियोजन की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 5 सितंबर को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी. अब शनिवार को निर्णय टलने के बाद अदालत ने 19 सितंबर की नयी तारीख तय की है.

करीब नौ साल नौ महीने और 337 तारीखों की लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब इस चर्चित हत्याकांड में 19 सितंबर को फैसला आने की उम्मीद है. अदालत के निर्णय से मामले में आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों पर न्यायिक स्थिति स्पष्ट होगी.

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By Niraj ambasta

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