धनबाद. बीसीसीएल कतरास क्षेत्र की बंद रामकनाली कोलियरी के तीन नंबर पीट स्थित पंखा घर से करीब तीन लाख रुपये मूल्य का कॉपर केबल चोरी होने का मामला सामने आया है. घटना बुधवार की देर रात करीब डेढ़ बजे की बतायी जा रही है. बारिश का फायदा उठाकर अपराधियों ने पंखा घर में प्रवेश किया और खदान से जुड़े नौ-दस पिलर के कॉपर केबल काटकर ले गये. घटना के बाद बंद परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
कर्मियों को बंधक बनाने का दावा
बताया जाता है कि रात्रि पाली में ड्यूटी के लिए पहुंचे सुबोध बाउरी, लटन दास और सोमर मांझी को अपराधियों ने बंधक बना लिया. इसके बाद पंखा घर में लगे खदान से जुड़े नौ-दस पिलर के कॉपर केबल काटे गये. अपराधियों ने पंखा घर में प्रवेश करने के लिए लोहे की रॉड को टेढ़ा किया. अंदर जाने के बाद घटना को अंजाम देकर रॉड को दोबारा उसी स्थिति में लगा दिया गया. इससे बाहर से तत्काल घटना का पता लगाना मुश्किल रहा.
घटना की जानकारी माइनिंग सरदार संजय प्रसाद को दी गयी. गुरुवार सुबह एसीएम रामनरेश कुमार मौके पर पहुंचे और संबंधित कर्मियों से पूछताछ की. अधिकारियों की ओर से घटना की लिखित शिकायत देने को कहा गया, लेकिन कर्मियों ने न्यायालय के चक्कर लगाने की आशंका जताते हुए शिकायत देने से इनकार कर दिया.
केबल कटने से जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका
कॉपर केबल काटे जाने के बाद खदान का पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंचना बंद हो गया है. इससे आसपास के इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका जतायी जा रही है. बंद कोलियरी की परियोजना में पहले से सुरक्षा को लेकर चुनौतियां हैं और इस घटना ने व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिये हैं.
घटना के दौरान इलाके में पुलिस गश्ती दल के पहुंचने की बात भी सामने आयी है. हालांकि, अपराधियों का सुराग नहीं मिल सका. घटना के बाद चोरी गये केबल की बरामदगी और आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस की कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है.
पुलिस को दी गयी है जानकारी : एसीएम
एसीएम रामनरेश कुमार ने बताया कि सुबोध बाउरी नामक गार्ड को ऊपर तैनात किया गया था. अपराधियों का दल पंखा घर के रास्ते अंदर घुसा और घटना को अंजाम दिया. उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी पुलिस को दे दी गयी है.
लगातार चोरी की घटनाओं के बीच अब बंद रामकनाली कोलियरी में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत महसूस की जा रही है. खासकर बंद परियोजना के महत्वपूर्ण विद्युत और जल निकासी से जुड़े उपकरणों की सुरक्षा को लेकर प्रबंधन के स्तर पर अतिरिक्त निगरानी की आवश्यकता सामने आयी है.
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