छाताबाद काजूबगान स्थित सती बांध पांडेय तालाब के समीप बने गोफ का दायरा लगातार बढ़ने और तालाब का पानी उसमें समाने से आसपास के लोगों की चिंता बढ़ गयी है. घटना के तीसरे दिन शुक्रवार को गोफ की भराई को लेकर प्रबंधन ने अभियान तेज कर दिया. जेसीबी और डोजर के बाद अब पोकलेन, शावेल समेत अन्य मशीनें निजी स्तर पर मंगायी जा रही हैं.
घटनास्थल पर कैंप कर रहा प्रबंधन
गोविंदपुर क्षेत्रीय और न्यू आकाशकिनारी कोलियरी प्रबंधन घटनास्थल पर कैंप कर भराई कार्य की निगरानी कर रहा है. न्यू आकाशकिनारी कोलियरी के अभियंता अभिनाश कुमार पाइप लाइन को दुरुस्त कराने में जुटे हैं. मौके पर जीएम सत्यकाम आनंद, पीओ अरविंद कुमार झा, प्रबंधक अमित कुमार, एसीएम भरत भूषण बेहरा, उमेश कुमार, सेफ्टी ऑफिसर उपेंद्र कुमार और ओवरमैन मनोज नोनिया समेत अन्य अधिकारी तैनात हैं.
भूमिगत खनन और अवैध कोयला कटाई को बताया कारण
जीएम सत्यकाम आनंद ने बताया कि क्षेत्र में पूर्व में भूमिगत खनन हुआ था. इसके अलावा ऊपरी हिस्से में अवैध कोयला कटाई के कारण भू-धंसान की स्थिति बनी है. उन्होंने कहा कि प्रबंधन की ओर से लगातार डेंजर जोन से संबंधित नोटिस जारी किये जा रहे हैं. लोगों को भी ऐसे स्थानों से दूर रहकर सावधानी बरतने की जरूरत है.
हैवी ब्लास्टिंग के आरोप पर भी उठे सवाल
प्रबंधक अमित कुमार ने बताया कि फुटबॉल मैदान के समीप हैवी ब्लास्टिंग से मकानों को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया गया था. हालांकि, संबंधित स्थल परियोजना क्षेत्र से काफी दूर है. ऐसे में बिना ब्लास्टिंग के समीप ही गोफ बनने के कारणों पर भी गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है.
प्रबंधन ने गोफ की भराई का काम जल्द पूरा करने की बात कही है. वहीं, तालाब का पानी गोफ में समाने से आसपास के लोगों में किसी अनहोनी की आशंका बनी हुई है.
