धनबाद. शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) के नेत्र विभाग में आधुनिक फेको मशीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को झटका लगा है. मशीन की खरीदारी के लिए जारी टेंडर को अंतिम चरण में रद्द कर दिया गया है. टेंडर प्रक्रिया में शामिल एजेंसी के दस्तावेजों की जांच के दौरान कमियां सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने यह निर्णय लिया. अब मशीन की खरीदारी के लिए नये सिरे से टेंडर जारी करना होगा. ऐसे में धनबाद के साथ आसपास के जिलों से एसएनएमएमसीएच पहुंचने वाले मोतियाबिंद मरीजों को आधुनिक फेको तकनीक से सर्जरी की सुविधा मिलने में और समय लग सकता है.
दस्तावेजों की जांच में सामने आयीं कमियां
जानकारी के अनुसार फेको मशीन की खरीद के लिए अस्पताल प्रबंधन ने टेंडर जारी किया था. प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी. इसी दौरान चयनित एजेंसी से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गयी. जांच में कई कागजात अधूरे या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाये जाने की जानकारी सामने आयी. इसके बाद प्रबंधन ने मौजूदा टेंडर को रद्द करने का फैसला लिया.
टेंडर रद्द होने के बाद अब खरीद प्रक्रिया नये सिरे से शुरू करनी होगी. नये टेंडर के प्रकाशन, एजेंसियों की ओर से आवेदन, तकनीकी और वित्तीय प्रक्रिया तथा चयन के बाद ही मशीन की आपूर्ति हो सकेगी.
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मोतियाबिंद की आधुनिक सर्जरी में होगी मदद
एसएनएमएमसीएच नेत्र विभाग के एचओडी डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि फेको मशीन उपलब्ध होने से विभाग में मोतियाबिंद की आधुनिक सर्जरी की सुविधा बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि टेंडर रद्द होने के कारण खरीद की प्रक्रिया अब नये सिरे से शुरू करनी होगी.
फेको तकनीक का इस्तेमाल मोतियाबिंद की सर्जरी में किया जाता है. अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को आधुनिक तकनीक से उपचार का विकल्प मिल सकेगा और उन्हें इसके लिए अन्य संस्थानों पर निर्भरता कम हो सकती है.
नये टेंडर के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
फिलहाल टेंडर रद्द होने के कारण फेको मशीन की उपलब्धता की समयसीमा आगे खिसक गयी है. अस्पताल प्रबंधन को अब नये टेंडर की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके बाद चयनित एजेंसी द्वारा मशीन की आपूर्ति और स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
मरीजों के लिए मशीन की उपलब्धता इस बात पर निर्भर करेगी कि नया टेंडर कब जारी होता है और चयन की पूरी प्रक्रिया कितने समय में पूरी होती है. विभाग का कहना है कि मशीन उपलब्ध होने के बाद नेत्र विभाग में मोतियाबिंद की आधुनिक सर्जरी की सुविधा को विस्तार मिलेगा.
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