बीसीसीएल के जमीन खाली करने के नोटिस से खरखरी में आक्रोश, ग्रामीण बोले- सर्वे और मुआवजे के बिना नहीं छोड़ेंगे जमीन

धनबाद के खरखरी कोलियरी क्षेत्र में बीसीसीएल द्वारा जमीन खाली करने के नोटिस पर ग्रामीणों ने जताया विरोध, सर्वे और मुआवजे की रखी मांग.

फुलारीटांड. धनबाद के गोविंदपुर क्षेत्र संख्या तीन अंतर्गत खरखरी कोलियरी क्षेत्र में जमीन खाली करने को लेकर बीसीसीएल की ओर से जारी नोटिस के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है. शनिवार को खरखरी बस्ती स्थित काली मंदिर प्रांगण में ग्रामीणों की बैठक हुई. इसमें ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जमीन का विधिवत सर्वे कराये बिना अलग-अलग स्थानों पर नोटिस चिपकाकर लोगों में भय का माहौल बनाया जा रहा है.

ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि रैयती जमीन पर किसी भी कीमत पर कंपनी का कब्जा नहीं होने दिया जाएगा. उनका कहना है कि यदि संबंधित जमीन बीसीसीएल की है, तो कंपनी को नोटिस में जमीन का पूरा विवरण और उसके स्वामित्व का आधार स्पष्ट करना चाहिए.

दीवारों और पोल पर चिपकाये गये नोटिस

ग्रामीणों के अनुसार, खरखरी बस्ती, सोनार टोला, खरखरी जैन मंदिर समेत कई स्थानों की दीवारों, बिजली पोल, पंचायत सचिवालय और अन्य जगहों पर नोटिस चिपकाये गये हैं. नोटिस में संबंधित जमीन को बीसीसीएल की बताते हुए लोगों से स्थान खाली करने को कहा गया है.

ग्रामीणों का दावा है कि कई रैयतों की जमीन को भी बीसीसीएल अपनी जमीन बता रही है. उनका कहना है कि संबंधित रैयतों को अब तक जमीन के बदले मुआवजा और नियोजन नहीं मिला है. कुछ जमीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड में बीसीसीएल का नाम दर्ज होने की बात भी ग्रामीणों ने कही है, जबकि जमीन के वास्तविक स्वामित्व को लेकर रैयत अपना दावा कर रहे हैं.

सर्वे और दस्तावेजों की जांच की मांग

बैठक में ग्रामीणों ने मांग की कि सबसे पहले जमीन का विधिवत सर्वे कराया जाए. रैयतों के दस्तावेजों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि कौन-सी जमीन बीसीसीएल की है और कौन-सी रैयती जमीन है. इसके बाद ही जमीन खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की जाए.

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ग्रामीणों ने कहा कि बिना मुआवजा और नियोजन के वे जमीन खाली नहीं करेंगे. उनका आरोप है कि हिलटॉप कंपनी के विस्तार के लिए ग्रामीणों पर दबाव बनाया जा रहा है.

जीएम और उपायुक्त से मिलेंगे ग्रामीण

बैठक में निर्णय लिया गया कि ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल बीसीसीएल के महाप्रबंधक, जिला प्रशासन और उपायुक्त से मिलकर मामले की शिकायत करेगा. इसके अलावा झारखंड विधानसभा की प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति के अध्यक्ष को भी पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की जाएगी.

ग्रामीणों ने कहा कि जब तक जमीन की स्थिति स्पष्ट नहीं होती और रैयतों के अधिकारों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक जमीन खाली नहीं की जाएगी.

बैठक की अध्यक्षता देवाशीष चटर्जी ने की. मौके पर भीम रजक, शेख अनवर, मुरली कुमार पांडेय, गोखुल तिवारी, आनंद तिवारी, जयराम बाउरी, शेख कलीम, सुभाष बाउरी, अनिल रवानी, शशि गोप, आनंद मोदक, फुचु धीवर, शेख सिद्दीक, जगजीवन गोप, गुणाधर बाउरी, गोपाल बाउरी, शेख रसीद, शेख असलम, शेख अलीम, आनंद गोप, शेख महबूब, पंचम रजक, रंजीत घोषाल, शेख मुस्तुफ, नेपाल रवानी, रघु, लालू मोदक, बिंदु मोदक, शेख नवाब, किशोर नापित और मुन्ना मोदक समेत कई ग्रामीण मौजूद थे.

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By Ajay prasad

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