रसोई के बजट पर महंगाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है. चीनी और गुड़ की कीमतों में तेजी के बाद अब प्याज और लहसुन के दाम भी बढ़ गये हैं. रविवार को लहसुन की कीमत में अचानक 30 से 40 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई. थोक बाजार में तेजी का असर आने वाले दिनों में खुदरा बाजार पर भी पड़ने की संभावना है. रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली इन खाद्य वस्तुओं की कीमत बढ़ने से आम परिवारों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है.
10 दिनों में चीनी 16 रुपये तक महंगी
पिछले 10 दिनों में चीनी की कीमत 54 रुपये से बढ़कर 70 रुपये किलो पहुंच गयी है. यानी कीमत में 16 रुपये प्रति किलो तक की वृद्धि हुई है. वहीं, गुड़ 60 रुपये से बढ़कर 80 रुपये किलो हो गया है. इसके बाद प्याज और लहसुन के दाम में तेजी ने रसोई के खर्च को और बढ़ा दिया है.
प्याज 55 और लहसुन 200 रुपये किलो तक पहुंचा
थोक बाजार में प्याज की कीमत 10 दिन पहले करीब 40 रुपये किलो थी, जो अब बढ़कर 55 रुपये किलो हो गयी है. वहीं, लहसुन 150-160 रुपये किलो से बढ़कर 190-200 रुपये किलो तक पहुंच गया है. कारोबारियों के अनुसार रविवार को ही लहसुन की कीमत में 30 से 40 रुपये किलो की तेजी आयी.
एक साथ बढ़ीं कई जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतें
चीनी, गुड़, प्याज और लहसुन रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख वस्तुएं हैं. इनके दाम बढ़ने का सीधा असर घरेलू खर्च पर पड़ रहा है. खासकर सीमित आय वाले परिवारों के लिए लगातार बढ़ती कीमतें परेशानी बढ़ा रही हैं. होलसेल कारोबारियों के अनुसार खाद्य वस्तुओं की कीमतों में फिलहाल उतार-चढ़ाव बना हुआ है.
एक सितंबर से चीनी-गुड़ के स्टॉक पर नियंत्रण
चीनी और गुड़ की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार एक सितंबर से स्टॉक कंट्रोल व्यवस्था लागू करने जा रही है. जिला खाद्यान्न व्यवसायी संघ के अध्यक्ष विनोद गुप्ता के अनुसार, जमाखोरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की जा रही है. इसके तहत होलसेल कारोबारियों को 15 दिनों से अधिक का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी. कारोबारियों को सरकार के पोर्टल पर चीनी और गुड़ के स्टॉक की नियमित जानकारी भी देनी होगी.
कीमतों पर एक नजर
- चीनी - 54 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो.
- गुड़ - 60 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 80 रुपये प्रति किलो.
- प्याज - 40 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 55 रुपये प्रति किलो.
- लहसुन - 150-160 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 190-200 रुपये प्रति किलो.
स्टॉक पर निगरानी बढ़ाने की व्यवस्था से जमाखोरी और कृत्रिम रूप से कीमत बढ़ाने पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, प्याज और लहसुन के दाम में जारी तेजी से फिलहाल उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी हुई है.
