धनबाद: महेशपुर आरएलएस से पहला कोयला रैक रवाना, जानें बीसीसीएल की इस बड़ी परियोजना से क्या होगा बदलाव

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने महेशपुर रैपिड लोडिंग सिस्टम (आरएलएस) से पहला कोयला रैक रवाना कर दिया है। यह नई परियोजना कोयला निकासी की गति को बढ़ाएगी और लोडिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाएगी।

धनबाद. भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने कोयला परिवहन और प्रेषण व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. रविवार को महेशपुर रैपिड लोडिंग सिस्टम (आरएलएस) से एनटीपीसी नवीनगर के लिए पहला कोयला रैक रवाना किया गया. बीसीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) मनोज कुमार अग्रवाल की मौजूदगी में परियोजना का औपचारिक परिचालन शुरू हुआ. इस अवसर पर बीसीसीएल और भारतीय रेल के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे.

बीसीसीएल की पहली फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजना

महेशपुर आरएलएस बीसीसीएल की पहली फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफएमसी) परियोजना है. इसकी वार्षिक क्षमता पांच मिलियन टन कोयला प्रेषण की है. परियोजना के माध्यम से रेलवे रैक में कोयले की मशीनीकृत और तेज लोडिंग संभव होगी, जिससे कोयला निकासी की गति बढ़ेगी और पारंपरिक लोडिंग प्रणाली पर निर्भरता कम होगी.

कंपनी के अनुसार, यह परियोजना कोयला उत्पादन क्षेत्रों और रेलवे नेटवर्क के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

कई चरणों की तैयारी के बाद शुरू हुआ परिचालन

महेशपुर साइलो का निर्माण जनवरी 2020 में पूरा हो गया था. इसके बाद रेलवे संपर्क, तकनीकी परीक्षण और विभिन्न वैधानिक मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी की गयी. परियोजना को परिचालन के लिए तैयार करने के क्रम में मुख्य डीसी लाइन से रेल संपर्क सात अगस्त 2026 को स्थापित किया गया.

इसके बाद 19 अगस्त को नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य सफलतापूर्वक पूरा हुआ, जबकि नौ सितंबर 2026 को डीजल इंजन का परीक्षण किया गया. भारतीय रेल ने 15 सितंबर 2026 को चार सप्ताह के लिए वाणिज्यिक संचालन की मंजूरी प्रदान की. वहीं, साइलो के संचालन एवं रखरखाव का कार्य 27 अगस्त 2026 को मेरिट टेक्नोलॉजीज इंडिया लिमिटेड को पांच वर्षों के लिए सौंपा गया.

कोयला प्रेषण और परिवहन व्यवस्था को मिलेगा बल

बीसीसीएल प्रबंधन का मानना है कि महेशपुर आरएलएस के परिचालन से कोयले की लोडिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और दक्ष होगी. इससे रेलवे रैक की टर्नअराउंड क्षमता में सुधार होगा और कोयला आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी. साथ ही कोयला परिवहन के दौरान समय और संसाधनों की बचत भी होगी.

अधिकारियों की रही मौजूदगी

परियोजना के शुभारंभ अवसर पर बीसीसीएल के निदेशक राजेश कुमार, महाप्रबंधक सत्यकाम आनंद, केके सिंह, जीके मेहता, आरआर कर्ण, परियोजना पदाधिकारी धीरज कुमार सहित भारतीय रेल के कई अधिकारी मौजूद थे. बीसीसीएल ने इस उपलब्धि को कंपनी, भारतीय रेल और विभिन्न कार्यान्वयन एजेंसियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम बताया.

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By Shobhit ranjan

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