धनबाद. झारखंड सरकार ने गैर-शैक्षणिक चिकित्सकों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 67 वर्ष से घटाकर 65 वर्ष करने के फैसले को औपचारिक रूप दे दिया है. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से इस संबंध में संकल्प जारी कर दिया गया है. हालांकि, यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू नहीं होगी. सरकार ने इसे दो वर्ष बाद लागू करने का निर्णय लिया है.
जारी संकल्प के अनुसार, सेवानिवृत्ति आयु में कमी का प्रावधान 16 सितंबर 2028 से प्रभावी होगा. तब तक राज्य के गैर-शैक्षणिक और विशेषज्ञ चिकित्सक 67 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रह सकेंगे. नई व्यवस्था लागू होने के बाद उनकी सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष होगी.
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मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद जारी हुआ संकल्प
गौरतलब है कि 25 अगस्त को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 67 वर्ष से घटाकर 65 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी थी. अब विभाग ने इसके लिए औपचारिक संकल्प जारी कर दिया है.
संकल्प में स्पष्ट किया गया है कि नई व्यवस्था लागू होने की तिथि से 17 अगस्त 2022 को जारी वह विभागीय संकल्प स्वतः निरस्त माना जायेगा, जिसके तहत कोरोना काल में चिकित्सकों की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष से बढ़ाकर 67 वर्ष की गयी थी.
नियुक्तियों में बढ़ोतरी को बताया आधार
सरकार ने इस निर्णय के पीछे हाल के वर्षों में चिकित्सकों की नियुक्तियों में हुई बढ़ोतरी को प्रमुख आधार बताया है. विभाग के अनुसार कोरोना काल के बाद राज्य में 176 विशेषज्ञ चिकित्सकों, 338 चिकित्सकों, 13 दंत चिकित्सकों और 55 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की गयी है. इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से भी चिकित्सकों की नियुक्तियां की गयी हैं.
विभाग का कहना है कि चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाना स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता. इसके बजाय नियमित नियुक्तियों के माध्यम से स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है.
केंद्र और अन्य राज्यों की व्यवस्था का हवाला
संकल्प में केंद्र सरकार के 31 मई 2016 के आदेश का भी उल्लेख किया गया है. इसके अनुसार केंद्र सरकार के गैर-शैक्षणिक और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित है. विभाग ने यह भी बताया है कि उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष या उससे कम है.
सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से राज्य की सेवा संरचना और मानव संसाधन प्रबंधन में संतुलन बनाने में मदद मिलेगी, जबकि आगामी दो वर्षों की संक्रमण अवधि से स्वास्थ्य सेवाओं पर तत्काल कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा.
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