धनबाद. 12वें संयुक्त द्विपक्षीय औद्योगिक संबंध समिति (जेबीसीसीआई) के गठन की प्रक्रिया अब 24 सितंबर को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक के फैसले से जुड़ गयी है. सूत्रों के अनुसार, लोक उद्यम विभाग (डीपीई) ने देश के सभी केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के सीएमडी की बैठक बुलायी है. इसमें अधिकारियों के वेतनमान और पे अपग्रेडेशन से जुड़े मुद्दों पर विचार होने की संभावना है. इसी बीच, कोल इंडिया ने 12वें जेबीसीसीआई के गठन की अनुमति के लिए कोयला मंत्रालय को भेजे जाने वाला पत्र फिलहाल नहीं भेजा है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 24 सितंबर की बैठक में होने वाले निर्णय के बाद ही मंत्रालय को पत्र भेजने के संबंध में फैसला लिया जायेगा.
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दरअसल, कोल इंडिया के अधिकारियों के पे अपग्रेडेशन को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में है. 14 अगस्त को जारी डीपीई के कार्यालय ज्ञापन में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) की ओर से अधिकारियों के लिए अधिसूचित वेतनमान को तीन अगस्त 2017 के डीपीई आदेश में निर्धारित ग्रेड संरचना से अलग बताया गया है.
ई6-ई7 को ई8 वेतनमान में रखने पर डीपीई की आपत्ति
डीपीई ने खास तौर पर ई1 से ई7 तक के वेतनमान में ऊपर की ओर किये गये बदलावों पर आपत्ति जतायी है. कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, ई6 और ई7 दोनों को 1.20 लाख से 2.80 लाख रुपये के ई8 वेतनमान में रखा गया है. डीपीई ने इसे सरकार द्वारा निर्धारित ग्रेड संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव माना है.
वहीं, ई1 से ई5 तक के अधिकारियों के वेतनमान में भी अगले ग्रेड का प्रभाव पड़ने की बात कही गयी है. डीपीई के अनुसार, यह व्यवस्था 2017 में निर्धारित स्वीकृत ग्रेड संरचना से अलग है. इसी बिंदु को लेकर वेतनमान में किये गये बदलावों की समीक्षा का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है.
दो फरवरी को शेयर बाजार को दी गयी थी जानकारी
कोल इंडिया ने दो फरवरी 2026 को अपने अधिकारियों के वेतनमान में पे अपग्रेडेशन से संबंधित जानकारी शेयर बाजार को दी थी. इसके बाद कोयला मंत्रालय और सीआइएल की ओर से संशोधित वेतनमान से संबंधित आदेश जारी किये गये. डीपीई ने इन्हीं संशोधित वेतनमानों को वर्ष 2017 में निर्धारित ग्रेड संरचना से अलग पाया है.
डीपीई ने कोयला मंत्रालय से इस संबंध में सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है. साथ ही, सरकार द्वारा स्वीकृत वेतन संरचना से किसी भी तरह के विचलन को रोकने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने मामले में की गयी कार्रवाई और अनुपालन की स्थिति से भी अवगत कराने को कहा है.
वेतनमान पर फैसला, फिर जेबीसीसीआई गठन की अगली राह
अधिकारियों के पे अपग्रेडेशन को लेकर 24 सितंबर की बैठक में होने वाला निर्णय अब महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यदि वेतनमान में बदलाव या पूर्व व्यवस्था में सुधार का निर्णय होता है, तो उसका प्रभाव अधिकारियों के वेतन तक सीमित नहीं रहने की संभावना है. सूत्रों के अनुसार, इसका असर 12वें जेबीसीसीआई के गठन की प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है.
फिलहाल कोल इंडिया की ओर से जेबीसीसीआई गठन की अनुमति के लिए कोयला मंत्रालय को पत्र नहीं भेजा गया है. ऐसे में 24 सितंबर की बैठक के फैसले के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 12वें जेबीसीसीआई के गठन की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है.
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